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Bajaj Auto Shares: बजाज ऑटो के शेयरों में आ सकती है 40% की बड़ी गिरावट, CLSA ने दिया ₹7,000 का टारगेट

Bajaj Auto Share Price: बजाज ऑटो के शेयरों में विदेशी ब्रोकरेज फर्म CLSA ने बड़ी गिरावट आने का अंदेशा जताया है। ब्रोकरेज ने कंपनी पर अपनी 'अंडरपरफॉर्म' रेटिंग बरकरार रखते हुए इसके शेयर को 7000 रुपये का टारगेट दिया है। यह मौजदूा स्तर से करीब 40 फीसदी गिरावट आने का अनुमान है। इस रिपोर्ट के बाद बजाज ऑटो के शेयर आज 18 सितंबर को दबाव में दिखे

Vikrant singhअपडेटेड Sep 18, 2024 पर 11:07 AM
Bajaj Auto Shares: बजाज ऑटो के शेयरों में आ सकती है 40% की बड़ी गिरावट, CLSA ने दिया ₹7,000 का टारगेट
2024 में अब तक Bajaj Auto के शेयर में करीब 78% की तेजी देखी गई है

Bajaj Auto Share Price: बजाज ऑटो के शेयरों में विदेशी ब्रोकरेज फर्म CLSA ने बड़ी गिरावट आने का अंदेशा जताया है। ब्रोकरेज ने कंपनी पर अपनी 'अंडरपरफॉर्म' रेटिंग बरकरार रखते हुए इसके शेयर को 7000 रुपये का टारगेट दिया है। यह मौजदूा स्तर से करीब 40 फीसदी गिरावट आने का अनुमान है। इस रिपोर्ट के बाद बजाज ऑटो के शेयर आज 18 सितंबर को दबाव में दिखे। सुबह 10.25 बजे के करीब, कंपनी क शेयर एनएसई पर 0.55 फीसदी गिरकर 11,884.25 रुपये के भाव पर कारोबार कर रहे थे।

CLSA ने कहा कि बजाज ऑटो ने हाल ही में Speed T4 और MY25 Speed 400 जैसी नई बाइकें लॉन्च की हैं। हालांकि इसके बावजूद प्रीमियम मोटरसाइकिल सेगमेंट में बढ़ता कॉम्पिटीशन और 250cc से अधिक क्षमता वाले बाइक सेगमेंट की धीमी ग्रोथ एक चिंता का विषय बनी हुई है। इसके अलावा, कंपनी के प्रमुख एक्सपोर्ट मार्केट में लगातार दबाव बना हुआ है, जो इसके शेयर पर नेगेटिव असर डाल सकता है।

CLSA के मुताबिक, बजाज ऑटो ने वित्त वर्ष 2024 में लगभग 60,000 Triumph मोटरसाइकिल्स की डिलीवरी की है। हालांकि, प्रीमियम बाइक सेगमेंट में बढ़ते कॉम्पिटीशन और विदेशी बाजारों में चुनौतियों के चलते कंपनी को अपनी ग्रोथ बनाए रखने में मुश्किलें आ सकती हैं। खासतौर से 250cc से अधिक क्षमता वाले बाइक्स के सेगमेंट में ग्रोथ की रफ्तार कम होने से कंपनी की स्थिति कमजोर हो सकती है।

बजाज ऑटो के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर राकेश शर्मा ने हाल ही में, बताया कि नाइजीरिया में रिटेल सेल्स में सुधार हुआ है और कंपनी इस बाजार से आगे और बेहतर परिणामों की उम्मीद कर रही है। हालांकि, CLSA अब भी इस बात को लेकर सतर्क है कि निर्यात बाजारों में दबाव बना रह सकता है।

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