Bajaj Finance Q2 results: बजाज फाइनेंस ने आज 22 अक्टूबर को FY25 की दूसरी तिमाही के नतीजों की घोषणा कर दी है। जुलाई-सितंबर तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 13 फीसदी बढ़कर 4000 करोड़ रुपये हो गया है। इसने एक साल पहले की समान अवधि में 3551 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया था। कंसोलिडेटेड आंकड़ों में नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनी की सब्सिडियरी कंपनियां, बजाज हाउसिंग फाइनेंस और बजाज फाइनेंशियल सिक्योरिटीज शामिल हैं। बजाज फाइनेंस के शेयरों में आज 1.58 फीसदी की गिरावट आई है और यह स्टॉक BSE पर 6677.40 रुपये के भाव पर बंद हुआ है। कंपनी ने बाजार बंद होने के बाद नतीजे जारी किए हैं।
कैसे रहे Bajaj Finance के तिमाही नतीजे?
बजाज फाइनेंस ने स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में कहा कि 30 सितंबर 2024 तक उसका कंसोलिडेटेड एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) 29 फीसदी बढ़कर 3.73 लाख करोड़ रुपये हो गया, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह 2.9 लाख करोड़ रुपये था। बजाज फाइनेंस ने कहा कि वित्त वर्ष 2025 की दूसरी तिमाही में एयूएम में 19,732 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई।
बजाज फाइनेंस ने एक बयान में कहा कि वित्त वर्ष 2025 की दूसरी तिमाही में नेट इंटरेस्ट इनकम 23% बढ़कर 8,838 करोड़ रुपये हो गई, जो वित्त वर्ष 2024 की दूसरी तिमाही में 7,196 करोड़ रुपये थी। वित्त वर्ष 2025 की दूसरी तिमाही में नेट टोटल इनकम 24% बढ़कर 10,946 करोड़ रुपये हो गई, जो वित्त वर्ष 2024 की दूसरी तिमाही में 8,847 करोड़ रुपये थी। 30 सितंबर, 2024 तक कस्टमर फ़्रैंचाइजी 92.09 मिलियन रही, जबकि सितंबर 2023 तक यह 76.56 मिलियन थी, यानी इसमें 20% की वृद्धि हुई है। वित्त वर्ष 2025 की दूसरी तिमाही में कस्टमर फ़्रैंचाइजी में 3.98 मिलियन की वृद्धि हुई।
Bajaj Finance की एसेट क्वालिटी कमजोर
सितंबर तिमाही के दौरान सालाना आधार पर कंपनी की एसेट क्वालिटी कमजोर रही। 30 सितंबर 2024 तक ग्रॉस एनपीए और नेट एनपीए 1.06% और 0.46% रहा, जबकि 30 सितंबर 2023 तक यह 0.91% और 0.31% था। वित्त वर्ष 25 की दूसरी तिमाही में लोन लॉस और प्रोविजन 1909 करोड़ रुपये रहा, जबकि वित्त वर्ष 24 की दूसरी तिमाही में यह 1,077 करोड़ रुपये रहा, जो 77% की वृद्धि है। बजाज फाइनेंस द्वारा बुक किए गए नए लोन की संख्या Q2FY25 में 14% बढ़कर 9.69 मिलियन हो गई, जबकि Q2FY24 में यह 8.53 मिलियन थी। बता दें कि NBFC पिछली कुछ तिमाहियों में बढ़े हुए घाटे से जूझ रही है, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में पर्सनल लोन सेगमेंट में।