Bajaj Finserv stock Split : नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनी बजाज फिनसर्व मंगलवार, 13 सितंबर को अपने एक मौजूदा इक्विटी शेयर को पांच इक्विटी शेयर में स्प्लिट कर देगी। Zerodha के फाउंडर नितिन कामत (Nithin Kamath) ने ट्विटर के जरिये बताया है कि स्टॉक स्प्लिट का क्या मतलब है और रिटेल इनवेस्टर्स पर इसका क्या असर होता है।
क्यों इनवेस्टर्स में आता है लालच?
कामत ने कहा कि जब भी एक कंपनी स्टॉक स्प्लिट का ऐलान करती है, तो कई इनवेस्टर्स के बीच चिंता या लालच होता है क्योंकि उन्हें लगता है कि स्टॉक सस्ता हो गया है।
नितिन कामत ने ट्वीट में कहा, “हर बार जब भी कोई लोकप्रिय स्टॉक एक्स डेट पर गिरता है, तो कई इनवेस्टर्स में घबड़ाहट या लालच आ जाता है क्योंकि उन्हें लगता है कि हमें नुकसान हो गया है या स्टॉक सस्ता हो गया है।”
जिरोधा के बॉस ने एक अन्य ट्वीट में कहा, बोनस या स्प्लिट 100 ग्राम की एक चॉकलेट के बजाय 50-50 ग्राम की दो चॉकलेट रखने जैसा है। मतलब कोई अंतर नहीं है।
बजाज फिनसर्व के इनवेस्टर्स के लिए क्या है मतलब?
बोनस इश्यू और स्टॉक स्प्लिट से सिर्फ शेयरों की संख्या बढ़ जाती है और इसका मतलब यह नहीं कि स्टॉक सस्ता हो गया। इससे आपके इनवेस्टमेंट की वैल्यू या कंपनी के फंडामेंटल्स पर कोई असर नहीं हुआ है।
स्टॉक स्प्लिट से कंपनी के शेयरों की संख्या बढ़ जाती है। मान लीजिए कि आपके पास 10 रुपये फेस वैल्यू वाला और 500 रुपये की कीमत का एक स्टॉक है। यदि इसे 2:1 के रेश्यू में स्प्लिट किया जाता है तो फेस वैल्यू 5 रुपये हो जाएगी और स्प्लिट की एक्स डेट पर प्राइस घटकर 250 रुपये रह जाएगा।