Bajaj Housing Finance: दूसरी तिमाही में अच्छा प्रदर्शन, क्या बजाज हाउसिंग में अभी निवेश का मौका है?

बजाज हाउसिंग फाइनेंस के दूसरी तिमाही के नतीजे अच्छे हैं। कंपनी के एसेट अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) में अच्छी ग्रोथ देखने को मिली। कंपनी के प्रोविजनिंग में कमी आई। कंपनी का शेयर सितंबर में लिस्ट हुआ था। उसके बाद यह कंपनी का पहला तिमाही नतीजा है। इस दौरान कंपनी का एयूएम होम लोन सेगमेंट में 1 लाख करोड़ रुपये को पार कर गया

अपडेटेड Oct 22, 2024 पर 2:44 PM
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दूसरी तिमाही में बजाज हाउसिंग के रिटेल डिस्बर्समेंट में थोड़ी सुस्ती दिखी। इसकी वजह यह है कि कंपनी को बैंकों की तरफ से प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है।

बजाज हाउसिंग फाइनेंस के दूसरी तिमाही के नतीजे अच्छे हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट साल दर साल आधार पर 21 फीसदी बढ़कर 546 करोड़ रुपये रहा। कंपनी के एसेट अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) में अच्छी ग्रोथ देखने को मिली। कंपनी के प्रोविजनिंग में कमी आई। कंपनी का शेयर सितंबर में लिस्ट हुआ था। उसके बाद यह कंपनी का पहला तिमाही नतीजा है। इस दौरान कंपनी का एयूएम होम लोन सेगमेंट में 1 लाख करोड़ रुपये को पार कर गया। कंपनी की लोन बुक में होम लोन सेगमेंट की सबसे बड़ी हिस्सेदारी है। होम लोन सेगमेंट में अच्छी डिमांड की वजह से साल दर साल आधार पर एयूएम 26 फीसदी बढ़ा है।

होम लोन सेगमेंट में अच्छी ग्रोथ की उम्मीद

दूसरी तिमाही में बजाज हाउसिंग के रिटेल डिस्बर्समेंट में थोड़ी सुस्ती दिखी। इसकी वजह यह है कि कंपनी को बैंकों की तरफ से प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है। प्रतिस्पर्धा आगे भी बने रहने की उम्मीद है। लेकिन, होम लोन सेगमेंट में ग्रोथ दिख सकती है। कंपनी ने अपने हाई-यील्ड एसेट्स पर फोकस बढ़ाने का प्लान बनाया है। लोन अगेंस्ट प्रॉपर्टी इसका उदाहरण है। इस बिजनेस की यील्ड 10-10.5 फीसदी के बीच है।


एसेट क्वालिटी अच्छी बनी हुई है

कंपनी ग्रोथ के लिए हाई टिकट साइज कंट्रक्शन फाइनेंस (CF) और लीज रिटेल डिस्काउंटिंग (LRD) पर फोकस बढ़ाएगी। इसके अलावा हाई क्वालिटी ग्राहकों पर भी उसका खास ध्यान होगा। सीएफ मिक्स के लंबी अवधि में बढ़कर 15 फीसदी पहुंच जाने की उम्मीद है। अभी यह 11 फीसदी है। कंपनी की एसेट क्वालिटी मजबूत बनी हुई है। ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स और नेट नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स रेशियो कमोबेश स्थिर है। कंपनी की लोन बुक में सेक्योर्ड लोन की अच्छी हिस्सेदारी है। कुल एचएल बुक में सैलरीड क्लास की हिस्सेदारी 88 फीसदी है।

बैंकों से मिल रही कड़ी प्रतियोगिता

बजाज हाउसिंग की लोन बुक काफी डायवर्सिफायड है। खासकर प्रतिद्वंद्वी एनबीएफसी के मुकाबले इसकी लोन बुक डायवर्सिफायड है। लेकिन, रिस्की एसेट्स में एक्सपोजर कम होने से यील्ड सामान्य है। प्राइस हाउसिंग लोन सेगमेंट में इसे बैंकों से कड़ी प्रतियोगिता का भी सामना करना पड़ रहा है। कंपनी ने अप्रैल 2024 में राइट्स इश्यू के जरिए 2,000 करोड़ रुपये की पूंजी जुटाई थी। इससे इसके कैपिटल एडेक्वेसी रेशियो में इम्प्रूवमेंट आया है। कंपनी ने सितंबर 2024 में नए इश्यू से 3,560 करोड़ रुपयेय जुटाए। इसका असर रिटर्न ऑन इक्विटी पर पड़ा है। दूसरी तिमाही में आरओई में कमी आई।

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क्या आपको निवेश करना चाहिए?

आईपीओ में शेयरों की लिस्टिंग अच्छे प्रीमियम पर हुई। अभी शेयरों में FY26 की अर्निंग्स के 5.4 गुना बुक वैल्यू पर ट्रेडिंग हो रही है। इसकी पेरेंट कंपनी बजाज फाइनेंस है, जिसका ट्रैक रिकॉर्ड काफी अच्छा रहा है। इसलिए बजाज हाउसिंग के शेयरों में प्रीमियम पर ट्रेडिंग होती रहेगी। हालांकि, मौजूदा वैल्यूएशन को सही कहना मुश्किल है। इसकी वजह यह है कि कंपनी को काफी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही रिटर्न ऑन इक्विटी में कमी आई है। निवेशकों को निवेश करने के लिए इस स्टॉक में गिरावट का इंतजार करना चाहिए।

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