हुंडई मोटर इंडिया के शेयर 22 अक्टूबर को बीएसई और एनएसी पर लिस्ट हो गए। शेयरों की लिस्टिंग उम्मीद के मुताबिक रही। शेयर करीब 1.5 फीसदी डिस्काउंट पर लिस्ट हुए। उसके बाद गिरावट बढ़ गई। करीब 1:19 बजे कंपनी के शेयर का प्राइस 4.08 फीसदी की गिरावट के साथ 1,880 रुपये था। यह इंडिया का सबसे बड़ा आईपीओ था। इससे पहले लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ने 2022 में 21,000 करोड़ रुपये का आईपीओ पेश किया था। हुंडई मोटर का आईपीओ 28,000 करोड़ रुपये का था। इस आईपीओ को निवेशकों खासकर रिटेल निवेशकों का अच्छा रिस्पॉन्स नहीं मिला था। यह आईपीओ काफी मुश्किल से सब्सक्राइब हुआ था।
हुंडई निर्यात के मामले में पहले पायदान पर
एक्सपर्ट्स का कहना है कि इंडियन ऑटो इंडस्ट्री के बेहतर प्रदर्शन को लेकर कोई संदेह नहीं है। ऑटो कंपनियों का प्रदर्शन इंडियन इकोनॉमी के प्रदर्शन से सीधे जुड़ा है। अगर इकोनॉमी की ग्रोथ अच्छी रहती है तो ऑटो कंपनियों का प्रदर्शन भी अच्छा रहेगा। हुंडई (Hyundai Motor) कार और एसयूवी बनाने वाली इंडिया की दूसरी सबसे बड़ी ऑटो कंपनी है। निर्यात के मामले में यह पहले पायदान पर है। इसे अपनी पेरेंट कंपनी के इनोवेशन और आरएंडी का फायदा मिलता है। इस तरह टेक्नोलॉजी के मामले में इसकी स्थिति स्ट्रॉन्ग है।
अगले साल कंपनी लॉन्च करेगी ईवी
हुंडई मोटर का रेवेन्यू पहली तिमाही में 17,344 करोड़ रुपये रहा। इसका प्रॉफिट साल दर साल आधार पर 12 फीसदी बढ़कर 1,490 करोड़ रुपये रहा। हुंडई की खास बात यह है कि इसके पास प्रोडक्ट्स की व्यापक रेंज है। हर तरह के ग्राहकों के लिए इसके पास मॉडल है। इलेक्ट्रिक व्हीकल्स पर कंपनी ने फोकस बढ़ाया है। कंपनी की पहली ईवी अगले साल आ जाएगी।
ओएफएस की वजह से निवेशकों की कम दिलचस्पी
इसके आईपीओ को इनवेस्टर्स का ज्यादा रिस्पॉन्स नहीं मिलने की एक बड़ी वजह यह थी कि यह पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल था। इसका मतलब है कि कंपनी की पेरेंट कंपनी इस आईपीओ के तहत अपनी हिस्सेदारी बेच रही है। इसका मतलब यह भी है कि आईपीओ से हासिल पूरा पैसा पेरेंट कंपनी के पास जाएगा। हुंडई इंडिया में अपने कारोबार के विस्तार या फायदे के लिए इस पैसे का इस्तेमाल नहीं कर पाएगी।
हुंडई का ब्रांड काफी स्ट्रॉन्ग
हुंडई के आईपीओ और इसके शेयरों की लिस्टिंग पर मार्केट सेंटिमेंट का भी असर पड़ा। पिछले कुछ हफ्तों से इंडियन मार्केट में गिरावट जारी है। हालांकि, इसे बुलरन के बीच का करेक्शन माना जा रहा है। लेकिन, इस गिरावट की वजह से निवेशक सावधानी बरत रहे हैं। जब बाजार में तेजी होती है तो निवेशक ऐसी कंपनियों के शेयरों में भी निवेश करते हैं, जिनकी ज्यादा पहचान नहीं होती है। हुंडई का ब्रांड इंडिया में बहुत स्ट्रॉन्ग है। कोई ऐसा नहीं है जो इस ब्रांड से वाकिफ न हो। लाखों लोग हुंडई की कारें और एसयूवी चला रहे हैं।
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क्या आपको निवेश करना चाहिए?
एक्सपर्ट्स का कहना है कि हुंडई ने आईपीओ में अपने शेयर की कीमत ज्यादा रखी थी। उसने निवेशकों से पूरी कीमत वसूली है। इसलिए शेयरों की लिस्टिंग प्रीमियम पर होने की उम्मीद नहीं थी। 22 अक्टूबर को वैसा ही हुआ। शेयरों की लिस्टिंग कमजोर हुई। उसके बाद शेयरों में गिरावट दिखी। ऐसे में मीडियम टर्म में हुंडई के शेयरो से ज्यादा रिटर्न की उम्मीद नहीं की जा सकता है। हालांकि, लॉन्ग टर्म के लिहाज से यह स्टॉक्स अट्रैक्टिव है। लंबी अवधि के लिहाज से इसमें निवेश किया जा सकता है। हालांकि, मार्केट में गिरावट के बीच इस शेयर का भाव और गिर सकता है, जो एंट्री के लिए काफी अच्छा मौका होगा।