सोमवार को बंधन बैंक लिमिटेड के शेयरों में भारी गिरावट देखी गई। दिन में शेयर BSE पर पिछले बंद भाव से 12 प्रतिशत तक गिरकर 154.15 रुपये के लो तक गया। बाद में लगभग 7.5 प्रतिशत गिरावट के साथ 162.50 रुपये पर सेटल हुआ। दरअसल ऐसी रिपोर्ट है कि बैंक की प्रमोटर बंधन फाइनेंशियल सर्विसेज लंबे समय से निवेश कर रहे निवेशकों को बाहर निकलने का मौका देने की सोच रही है। इसके लिए शेयर बिक्री या IPO लाने जैसे विकल्पों पर विचार किया जा रहा है।
द इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि बंधन फाइनेंशियल सर्विसेज ने संभावित विकल्पों का पता लगाने के लिए ग्लोबल इनवेस्टमेंट बैंकर जेफरीज को नियुक्त किया है। इन विकल्पों में प्राइवेट इक्विटी निवेशकों को शेयर बेचना या IPO लाना शामिल है। इस कदम का मकसद इंटरनेशनल फाइनेंस कॉर्पोरेशन (IFC) और GIC वेंचर्स जैसे लंबे समय से निवेश कर रहे संस्थागत निवेशकों को बाहर निकलने का रास्ता देना है। साथ ही बंधन बैंक में प्रमोटर की शेयरहोल्डिंग से जुड़ी रेगुलेटरी जरूरतों को पूरा करने में मदद करना भी है। प्रमोटर ग्रुप की एंटिटीज के पास बैंक में 39.74 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार को बंधन फाइनेंशियल सर्विसेज के बोर्ड की बैठक में इस मामले पर चर्चा हुई। इनवेस्टमेंट बैंकर को संभावित निवेशकों, खासकर प्राइवेट इक्विटी फंड्स के बीच दिलचस्पी का पता लगाने का काम सौंपा गया है।
कितना रह गया Bandhan Bank का मार्केट कैप
बंधन बैंक का मार्केट कैप गिरकर 26100 करोड़ रुपये पर आ गया है। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। BSE पर शेयर का 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 192.45 रुपये और एडजस्टेड लो 134.30 रुपये है। फरवरी महीने में ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने शेयर के लिए 'बाय' रेटिंग के साथ 190 रुपये प्रति शेयर का टारगेट प्राइस सेट किया था।
फरवरी में भारतीय रिजर्व बैंक ने SBI म्यूचुअल फंड के एक प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। इस प्रस्ताव के तहत SBI म्यूचुअल फंड, बैंक में कुल मिलाकर 9.99% तक की हिस्सेदारी हासिल कर सकता है। यह मंजूरी बैंकिंग, फॉरेन एक्सचेंज और सिक्योरिटीज रेगुलेशंस के पालन पर निर्भर है। अगर SBI MF एक साल के अंदर तय हिस्सेदारी का ज्यादातर हिस्सा नहीं खरीदता है, तो यह मंजूरी खत्म हो जाएगी। RBI ने साफ किया कि फंड की कुल होल्डिंग किसी भी समय 9.99% से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। साथ ही अगर हिस्सेदारी 5% से कम हो जाती है, तो SBI MF को इसे वापस 5% या ज्यादा करने के लिए RBI से नई मंजूरी लेनी होगी।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।