Bank Nifty big fall after RBI Directions: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने बैंकों को हर कारोबारी दिन फॉरेन एक्सचेंज मार्केट में अपनी नेट ओपन रुपी पोजिशन पर $10 करोड़ पर कैप लगाने का निर्देश दिया तो बैंकों को झटका लगा। पिछले हफ्ते शुक्रवार की देर रात जारी हुए इस आदेश पर बैंकों को 10 अप्रैल तक पालन करना है। इसने बैंकिंग शेयरों को तोड़ दिया। 14 दिग्गज बैंकों के शेयरों का निफ्टी इंडेक्स बैंक निफ्टी तो ढाई फीसदी से अधिक टूट गया। इससे पहले लगातार दो कारोबारी दिनों में यह 4% से अधिक मजबूत हुआ था लेकिन आज यह फिसल गया और इसमें शामिल सभी 14 स्टॉक्स 5% तक टूट गए।
RBI के निर्देश पर क्यों बना बैंकिंग स्टॉक्स पर दबाव?
आरबीआई ने बैंकों को फॉरेन एक्सचेंज पोजिशंस पर लिमिट को लेकर सख्ती की तो घरेलू मार्केट में डॉलर की बिक्री तेज हो गई क्योंकि ट्रेडर्स धड़ाधड़ अपनी आर्बिट्रेज पोजिशन को कम करने लगे। बाजार के जानकारों के मुताबिक इस कदम से ऐसी पोजीशन्स खत्म हो सकते हैं, जिनमें बैंक ऑफशोर नॉन-डिलीवरेबल फॉरवर्ड और ऑनशोर फॉरवर्ड बाजारों के बीच भाव के अंतर से मुनाफा कमाते हैं। इस अनवाइंडिंग यानी पोजीशन को खत्म करने से बैंकों को घरेलू बाजार में डॉलर बेचना पड़ सकता है। इसके शुरुआती संकेत स्पॉट और फॉरवर्ड दोनों बाजारों में रुपये के मजबूत होने से दिखने लगे। एक महीने का USD/INR फॉरवर्ड भाव शुक्रवार को लगभग 95.15 से गिरकर 94.13 पर आ गया।
आरबीआई ने यह निर्देश ऐसे समय में दिया है, जब ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच चल रही लड़ाई में रुपया 4% से अधिक कमजोर हुआ है। आरबीआई ने बैंकों को नियमों के पालन के लिए 10 अप्रैल तक का समय दिया है तो बैंकर्स ने आरबीआई से तीन महीने का समय मांगा है। बैंकर्स का कहना है कि पोजिशन्स की तेज अनवाइंडिंग से उन्हें घाटा हो सकता है।
बैंक अक्सर बाजारों में भाव के अंतर से मुनाफा कमाने के लिए डॉलर में निवेश करते हैं। आरबीआई ने अब इन निवेशों की सीमा तय कर दी है। इसके चलते बैंकों को अपने कई मौजूदा ट्रेड तुरंत कम करने या बंद करने पड़ रहे हैं। डॉलर बेच रहे हैं, जिससे रुपये में मजबूती आ रही है। इस अचानक बदलाव से बैंकों को नुकसान हो सकता है, खासकर अगर वे घाटे वाले भाव पर पोजिशन बंद कर दें। हालांकि आरबीआई के इस कदम से फोरेक्स मार्केट में सट्टेबाजी कम होगी।
Nifty Bank में सबसे अधिक गिरावट AU Small Finance Bank में
निफ्टी बैंक पर आज सभी 14 स्टॉक्स लाल हैं। इनमें करीब 5% तक की गिरावट आई है और सबसे अधिक गिरावट तो एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक (AU Small Finance Bank) में है जो करीब 5% टूटा है। बाकी सभी स्टॉक्स में भी 2-5% तक की गिरावट आई। पब्लिक सेक्टर में देश के सबसे बड़े लेंडर एसबीआई (SBI) की बात करें तो यह 3% और प्राइवेट सेक्टर में देश के सबसे बड़े लेंडर एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) में 2% तक टूट गया। कोटक महिंद्रा बैंक, एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक तो फिसलकर एक साल के रिकॉर्ड निचले स्तर तक आ गए।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।