बैंकिंग शेयरों में पिछले तीन महीनों से तेजी नजर आ रही है। इससे ब्रॉडर मार्केट में बढ़त दिख रही है। तेजी से बढ़ रहे कंज्यूमर गुड्स स्टॉक्स के बाद सबसे ज्यादा बढ़ने वाले शेयरों में बैंकिंग शेयर दूसरे स्थान पर दिखाई दे रहे हैं।
बैंकिंग शेयरों में पिछले तीन महीनों से तेजी नजर आ रही है। इससे ब्रॉडर मार्केट में बढ़त दिख रही है। तेजी से बढ़ रहे कंज्यूमर गुड्स स्टॉक्स के बाद सबसे ज्यादा बढ़ने वाले शेयरों में बैंकिंग शेयर दूसरे स्थान पर दिखाई दे रहे हैं।
इस दौरान निफ्टी बैंक में 25 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। जबकि निफ्टी 50 ने इस अवधि में 14 प्रतिशत की तेजी दिखाई है। हालांकि आईटी इंडेक्स में 1 प्रतिशत की गिरावट दिखाई दे रही है।
विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक अगस्त में बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों में खरीदारी करते नजर आये। ये रुझान इस महीने में अब तक जारी नजर आ रहा है।
विदेशी निवेशकों की खरीदारी के चलते अगस्त में ये इंडेक्स 11 प्रतिशत चढ़ गया था। जबकि बैंकिंग इंडेक्स सितंबर में अब तक 5 प्रतिशत और बढ़ गया है। इसके अलावा म्यूचुअल फंड्स भी बैंकिंग शेयरों पर खरीदारी कर रहे हैं।
क्यों नजर आ रही है बैंक निफ्टी में बढ़त
बैंकों ने अपनी बैलेंस शीट को क्लीन्ड किया है और बैड एसेट्स रिजोल्यूशन से उन्हें फायदा हो रहा है। इसके साथ इकोनॉमिक रिकवरी आने से क्रेडिट डिस्बर्सल में रिबाउंड नजर आया है। वहीं FY22 में नये लोन के वॉल्यूम में 15 प्रतिशत की ग्रोथ देखने को मिली है। इसके अलावा एनालिस्ट्स ने भी चुनिंदा बैंकों का EPS अनुमान भी बढ़ाया है। इन सब कारणों से बैंक निफ्टी में वृद्धि देखने को मिली है।
Emkay Global Financial Services के आनंद दामा ने कहा “हम देख सकते हैं कि बैंकिंग सेक्टर पर आउटलुक पॉजिटिव बना हुआ है। इस समय बैंकों के पास क्लीन्ड बैलेंस शीट हैं। मुख्य रूप से इनमें नजर आ रही क्रेडिट ग्रोथ बैंकिंग शेयरों पर निवेशकों को बुलिश बना रही है। बैंकिंग शेयरों में तेजी सिर्फ लोन ग्रोथ से नहीं है बल्कि जनरल कंजम्शन डिमांड में वापसी की वजह से भी देखने को मिल रही है। इससे बैंकों को फायदा होगा।
वास्तव में बैंक लोन में वृद्धि और आने वाली तिमाहियों में लोन की मांग और बढ़ने की उम्मीद में घरेलू और विदेशी निवेशकों का बैंकिंग शेयरों पर रुझान बढ़ा हुआ है।
डिपॉजिट पर रखें नजर
Emkay Global के दामा का मानना है कि देनदारियों का प्रबंधन करना बैंकों के लिए बहुत बड़ी चुनौती नहीं होगी। उन्होंने कहा कि निवेशकों का फोकस अब बैंकों के ग्रोथ फेज पर होना चाहिए।
बैंकिंग शेयर निवेशकों की पसंद बने रह सकते हैं। लेकिन बढ़त दिखाने वाले बैंकिंग शेयर को चुनने के लिए निवेशकों को डिपॉजिट के रुझान की बारीकी से निगरानी करनी चाहिए। लोअर-कॉस्ट डिपॉजिट जुटाने और मार्जिन की रक्षा करने की क्षमता वे फैक्टर होंगे जिसके आधार पर निवेशकों बैंकों के बीच अंतर कर सकते हैं। इस सेक्टर में टॉप तीन बैंकों के शेयर पर जाकर नजर टिक सकती है।
(डिस्क्लेमरः Moneycontrol.com पर दिए जाने वाले विचार और निवेश सलाह निवेश विशेषज्ञों के अपने निजी विचार और राय होते हैं। Moneycontrol यूजर्स को सलाह देता है कि वह कोई निवेश निर्णय लेने के पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह लें। )
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