Banking Shares : सोमवार को कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट के चलते बैंक शेयरों में 4 फीसदी तक की तेजी आई है। बाजार जानकारों का मानना है कि तेल की कीमतों में नरमी से महंगाई को काबू में रखने और ब्याज दरों में स्थिरता बनाए रखने में मदद मिल सकती है। इसी वजह बैंक निफ्टी इंडेक्स ने लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में भी बढ़त देखने को मिल रही है। आज इंट्राडे में इसमें 1.9 प्रतिशत तक की तेजी आई है। पिछले दो कारोबारी सत्रों में इंडेक्स में 3 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त हुई है।
बैंक निफ्टी के सभी 14 शेयर हरे निशान में कारोबार कर रहे हैं। केनरा बैंक,यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया और AU स्मॉल फ़ाइनेंस बैंक इस बढ़त को लीड कर रहे हैं। इनमें 4 फीसदी तक की तेजी आई है। निफ्टी PSU बैंक इंडेक्स में 2.23 फीसदी की और निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स 1.74 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है।
अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में प्रगति की उम्मीदों के बीच कच्चे तेल की कीमतें दो हफ्ते से ज्यादा समय में पहली बार 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे गिर गईं हैं। इस खबर को चलते बैंकिंग शेयरों को बूस्ट मिला है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वॉशिंगटन और ईरान के बीच एक शांति समझौते पर काफी हद तक बात बन गई है, जिससे होर्मुज स्ट्रेट के फिर से खुलने का रास्ता खुल सकता है। होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक तेल और LNG शिपमेंट के लिए एक अहम रास्ता है।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट को भारत के लिए एक अच्छी बात माना जाता है,क्योंकि भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरत का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है। तेल की कीमतें कम होने से देश में महंगाई को कम करने,राजकोषीय स्थिति को बेहतर बनाने और चालू खाता घाटे पर दबाव को कम करने में मदद मिलती है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि महंगाई में नरमी से भारतीय रिज़र्व बैंक को ब्याज दरों को कम बनाए रखने में मदद मिल सकती है। कच्चे तेल में नरमी को बैंकों और क्रेडिट ग्रोथ के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जाता है।
मार्केट एक्सपर्ट्स की राय है कि बैंक निफ्टी स्टॉक्स के लिए नियर टर्म आउटलुक अच्छा दिख रहा है। चॉइस ब्रोकिंग के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट हितेश टेलर ने कहा कि 22 मई,2026 को बैंक निफ्टी ने मज़बूत बढ़त के साथ क्लोजिंग की। यह 615.95 अंक या 1.15 फीसदी की बढ़त के साथ 54,055.35 पर बंद हुआ। बैंकिंग शेयरों में लगातार खरीदारी से इसे यह बढ़त मिली। बीच-बीच में प्रॉफ़िट बुकिंग के बावजूद इंडेक्स 54,213.05 के इंट्राडे हाई तक पहुंचा और फिर मजबूती से पॉज़िटिव दायरे में बना रहा।
उन्होंने आगे कहा कि एक बुलिश कैंडलस्टिक पैटर्न का बनना,बाजार के बेहतर होते सेंटिमेंट और रिकवरी की मज़बूत होती रफ़्तार को दिखाता है। RSI बढ़कर 45.87 हो गया जो मोमेंटम में धीरे-धीरे हो रहे सुधार का संकेत है। बैंक निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 53,900-54,000 के जोन के आस-पास है,जबकि रेजिस्टेंस 55,400-55,500 की रेंज के करीब देखा दिख रहा है।
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