Bansal Wire IPO Listing: स्टील के वायर बनाने वाली बंसल वायर (Bansal Wire) के शेयरों की आज घरेलू मार्केट में धांसू एंट्री हुई। इसके आईपीओ को ओवरऑल 62 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत 256 रुपये के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी 352.05 रुपये और NSE पर 356 रुपये पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 39 फीसदी का लिस्टिंग गेन (Bansal Wire Listing Gain) मिला। हालांकि आईपीओ निवेशकों की खुशी थोड़ी ही देर में फीकी हो गई जब शेयर टूट गए। टूटकर BSE पर यह 335.85 रुपये (Bansal Wire Share Price) तक आ गया। भाव में कुछ रिकवरी तो हुई लेकिन दिन के आखिरी में यह 350.30 रुपये पर बंद हुआ है यानी कि पहले कारोबारी दिन की समाप्ति पर आईपीओ निवेशक 36.84 फीसदी मुनाफे में हैं।
Bansal Wire IPO को मिला था तगड़ा रिस्पांस
बंसल वायर का ₹745.00 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 3-5 जुलाई तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 62.76 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 153.86 गुना, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 54.21 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 14.37 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत 5 रुपये की फेस वैल्यू वाले 2,91,01,562 नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल कर्ज चुकाने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में होगा।
वर्ष 1985 में बनी बंसल वायर इंडस्ट्रीज स्टेनलेस स्टील के वायर बनाती है। यह हाई कॉर्बन स्टील वायर, लो कॉर्बन स्टील वायर (माइल्ड स्टील वायर) और स्टेनलेस स्टील वायर सेगमेंट में 3 हजार से अधिक प्रकार के स्टील वायर प्रोडक्ट्स बनाती है। इसकी ग्राहक 5 हजार से अधिक कंपनियां हैं। इसकी मौजूदगी दुनिया के 50 से अधिक देशों में हैं। पिछले तीन वित्त वर्षों में इसका एक्सपोर्ट टर्नओवर सालाना 47.15 फीसदी की चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़ा है। इसके गाजियाबाद के लोनी इंडस्ट्रियल एरिया में दो यूनिट्स, गाजियाबाद के मोहननगर में एक और हरियाणा के झज्जर के बहादुरगढ़ में एक यूनिट है।
कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2022 में इसे 57.29 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा हुआ था जो अगले वित्त वर्ष 2023 में उछलकर 59.93 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024 में 78.80 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू सालाना 5 फीसदी से अधिक की चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़कर 2,470.89 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।