पिछले कुछ सेशन में स्टॉक मार्केट में बड़ी गिरावट आई है। इसे बुल मार्केट में करेक्शन माना जा सकता है। कुछ ट्रेडर्स बाय पोजिशन में लॉस होने से निराश थे। कुछ ट्रेडर्स ने खुशियां मनाई। इसकी वजह यह कि जिस करेक्शन का इंतजार था, वह आखिर आ गया। अब बड़ा सवाल यह है कि जब करेक्शन में हम सस्ते भाव पर खरीदारी (Bargain Hunting) के मौकों की बात करते हैं तो क्या इसका मतलब बॉटम प्राइस होता है? हम सभी जानते हैं कि कोई इनवेस्टर आज तक बॉटम तक नहीं पहुंच पाया है। कई बार बॉटम हंटिंग के चक्कर में हमें बड़े नुकसान का खतरा पैदा हो जाता है।
हम सभी हेजिंग के बारे में जानते हैं। इसका मतलब फ्यूचर में लोअर लेवल पर बाय पोजीशन से है, लेकिन साथ ही उसी एक्सपायरी (Same Expiry) के पुट ऑप्शन में बाय पोजीशन और एक स्ट्राइक प्राइस से है, जो करेंट मार्केट प्राइस के सबसे करीब होगा। इस तरह हमारे पास हर समय स्ट्राइक प्राइस पर सेल करने के लिए ऑप्शन होता है। इस स्ट्रेटेजी को लॉस स्ट्रेटेजी कहा जाता है।
यह जानते हुए बाय ट्रेड खरीदना कि लॉस एक निश्चित अमाउंट से ज्यादा नहीं होगा, बार्गेन हंट को आसान बना देता है। हालांकि, इसमें एक प्रॉब्लम है। वह है उतारचढ़ाव। चूंकि सही बॉटम को पकड़ना नामुमकिन है और गिरावट के बाद मुश्किल बढ़ेगी, जिससे दो खास प्रॉब्लम सामने आ सकती हैं।
1. हम खरीदते हैं और उसके बाद चढ़ने से पहले और गिरावट (Deeper Bottom) आ जाती है।
2. हम खरीदते हैं, थोड़ी तेजी आती है उसके बाद फिर गिरावट आ जाती है जिससे हम पहले के स्तर पर पहुंच जाते हैं।
दोनों उपर्युक्त स्थितियों में हमारी ट्रेडिशनल हेजिंग नाकाफी साबित होती है। डायनेमिक हेजिंग से हमें मदद मिल सकती है। हर मामले में दो अलग शिफ्ट्स का इस्तेमाल होता है।
जब हम गिरावट बढ़ती देखते हैं तो हम तबतक चुपचाप बैठे रहते हैं जबतक गिरावट थम नहीं जाती। ट्रेडिशनल हेजिंग से अलग जैसे ही हमें रिवर्सल की उम्मीद के साथ गिरावट थमती दिखती है हम सक्रिय हो जाते हैं। हम बाय पुट ऑप्शन में प्रॉफिट बुक करते हैं। दूसरा, हम अब लोअर स्ट्राइक पुट खरीदते हैं जो गिरावट के बाद करेंट मार्केट प्राइस के सबसे करीब होता है।
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अगर हम देखते हैं कि रिवर्सल टिक नहीं पा रहा तो हम पुट ऑप्शन में लॉस बुक करते हैं। नया पुट खरीदते हैं, जिसका स्ट्राइक प्राइस तेजी के बाद करेंट मार्केट प्राइस के सबसे करीब होता है। इससे हेज कॉस्ट का भी पूरा फायदा मिलता है। इससे आपके बाय प्राइस के मुकाबले हाई प्राइस पर प्रोटेकेशन मिलता है।
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