पिछले काफी समय से इंडियन स्टॉक मार्केट के काफी महंगा होने की चर्चा चल रही है। हालांकि, बीते 6-8 दिनों में मार्केट में आई गिरावट के बाद वैल्यूएशन कम हुई है। लेकिन, कई एनालिस्ट्स का कहना है कि अब भी इंडिया में कई स्टॉक्स और सेक्टर की वैल्यूएशन ज्यादा है। लेकिन, दिग्गज फंड मैनेजर प्रशांत जैन की राय इस मामले में थोड़ी अलग दिखती है। उनका कहा है कि इंडियन मार्केट्स की वैल्यूएशन बहुत ज्यादा नहीं है। उनका सवाल है कि दूसरे उभरते बाजारों की अभी वैल्यूएशन कैसी है। जैन 3पी इनवेस्टमेंट मैनेजर्स के सीआईओ और फंड मैनेजर हैं।
इंडियन इकोनॉमी कई मामलों में उभरते बाजारों से आगे
जैन ने कहा है कि प्रति व्यक्ति आय कम होने की वजह से इंडिया उभरते बाजारों (Emerging Markets) की कैटेगरी में आता है। लेकिन, कई मामलों में यह दूसरे उभरते बाजारों से काफी आगे हैं। इंडिया की इकोनॉमी न सिर्फ बड़ी है बल्कि इसकी ग्रोथ लगातार दूसरे उभरते बाजारों से ज्यादा रही है। उभरते बाजारों और इंडिया के बीच सबसे बड़ा अंतर इकोनॉमी के स्ट्रक्चर के मामले में है। जहां दूसरे उभरते बाजारों की निर्भरता मैन्युफैक्चरिंग, कमोडिटीज और एक्सपोर्ट्स पर है वही इंडिया की इकोनॉमी में सर्विस सेक्टर की बड़ी हिस्सेदारी है। इंडिया में कंजम्प्शन पर काफी फोकस है।
इंडियन इकोनॉमी का स्ट्रक्चर उतारचढ़ाव से बचाता है
जैन ने कहा कि इंडियन इकोनॉमी का जो स्ट्रक्चर है, वह उसे साइक्लिकल वोलैटिलिटी से बचाता है, जो दूसरे उभरते बाजारों में दिख सकती है। खासकर उन बाजारों में जिनकी एक्सपोर्ट पर ज्यादा निर्भरता है। इंडियन इकोनॉमी का स्ट्रक्चर न सिर्फ इसे उतारचढ़ाव से बचाता है बल्कि इससे रिटर्न ऑन इक्विटी (RoE) भी ज्यादा रहता है। उन्होंने कहा कि इस वजह से इंडियन मार्केट्स और इंडियन कंपनियां लंबी अवधि के लिहाज से अट्रैक्टिव दिखती हैं।
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इंडियन मार्केट की ज्यादा वैल्यूएशन की कई वजहें
उन्होंने कहा कि पिछले कुछ सालों से इंडियन मार्केट्स में प्रीमियम पर ट्रेडिंग हो रही है। सवाल है कि क्या यह प्रीमियम सही है? उन्होंने कहा कि इंडियन मार्केट्स का प्रीमियम बढ़ने की वजह सिर्फ इंडियन स्टॉक्स की रीरेटिंग नहीं है। अभी इंडिया के ज्यादा प्रीमियम में 2/3 योगदान दूसरे उभरते मार्केट्स के मुकाबले इंडिया की बेहतर स्थिति का है। बाकी 1/3 योगदान दूसरे उभरते बाजारों की डीरेटिंग का है। इस वजह से इंडियन मार्केट की वैल्यूएशन को बहुत ज्यादा नहीं कहा जा सकता।