वॉरेन बफे की Berkshire Hathaway से विदाई, शेयर लाल निशान में बंद; 60 साल में दिया 6100000% रिटर्न

बफे ने 1965 में बर्कशायर हैथवे की कमान संभाली थी। वर्तमान में कंपनी की वैल्यूएशन 1.08 लाख करोड़ डॉलर है। नए सीईओ ग्रेग एबेल वर्तमान में बर्कशायर हैथवे के नॉन-इंश्योरेंस कारोबारों के वाइस चेयरमैन, बर्कशायर हैथवे एनर्जी में चेयरमैन और CEO हैं

अपडेटेड Jan 01, 2026 पर 10:28 AM
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सितंबर 2025 के आखिर में बर्कशायर के पास 381.7 अरब डॉलर कैश और उसके बराबर की रकम थी।

वॉरेन बफे (Warren Buffett) का गुरुवार को बर्कशायर हैथवे (Berkshire Hathaway) के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) के तौर पर आखिरी दिन है। उनकी विदाई से पहले कंपनी के शेयर थोड़ी गिरावट के साथ बंद हुए हैं। बफे के बाद अब बर्कशायर हैथवे की कमान ग्रेग एबेल संभालने वाले हैं। रॉयटर्स के मुताबिक, बुधवार को बर्कशायर क्लास A शेयरों की कीमत 600 डॉलर या 0.1 प्रतिशत गिरकर 754,800 डॉलर हो गई, जबकि क्लास B शेयरों की कीमत 1.06 डॉलर या 0.2 प्रतिशत गिरकर 502.65 डॉलर हो गई।

बफे ने 1965 में बर्कशायर हैथवे की कमान संभाली थी। जिन निवेशकों के पास 1965 से बर्कशायर के शेयर हैं, उन्हें अब तक लगभग 6,100,000 प्रतिशत का रिटर्न मिला है। इस बीच S&P 500 ने डिविडेंड सहित लगभग 46,000 प्रतिशत का रिटर्न दिया है। बर्कशायर की सब्सिडियरी कंपनियों में इंश्योरेंस कंपनी गीको, BNSF रेलरोड, दर्जनों मैन्युफैक्चरिंग और एनर्जी बिजनेस, और ब्रूक्स, डेयरी क्वीन, फ्रूट ऑफ द लूम और सीज कैंडीज जैसे रिटेल ब्रांड शामिल हैं।

सितंबर 2025 के आखिर में बर्कशायर के पास 381.7 अरब डॉलर कैश और उसके बराबर की रकम थी। बफे ने जब कंपनी संभाली थी, तब यह एक घाटे में चल रही टेक्सटाइल मिल थी। समय के साथ उन्होंने इसे बीमा, रेलवे, एनर्जी और कंज्यूमर ब्रांड्स जैसे कई सेक्टर्स में फैले एक विशाल समूह में बदल दिया। आज बर्कशायर हैथवे की वैल्यूएशन 1.08 लाख करोड़ डॉलर है।


कौन हैं ग्रेग एबेल

ग्रेग एबेल दो दशकों से भी ज्यादा समय से बर्कशायर में एक अहम शख्सियत रहे हैं। उनका पूरा नाम ग्रेगरी एडवर्ड एबेल है। एबेल ने साल 1984 में अल्बर्टा यूनिवर्सिटी से अकाउंटिंग में बैचलर्स की डिग्री हासिल की। वह AICPA सर्टिफाइड पब्लिक अकाउंटेंट हैं। एबेल ने अपने करियर की शुरुआत प्राइसवाटरहाउस कूपर्स के सैन फ्रांसिस्को ऑफिस में एक चार्टर्ड अकाउंटेंट के रूप में की थी। 1992 में वह जियोथर्मल इलेक्ट्रिसिटी प्रोड्यूसर 'कैलएनर्जी' में शामिल हो गए। 1999 में, कैलएनर्जी ने मिडअमेरिकन एनर्जी को खरीद लिया, उसका नाम अपनाया। उसी वर्ष बाद में बर्कशायर हैथवे ने कंपनी में कंट्रोलिंग स्टेक हासिल किया। ​​एबेल 2008 में मिडअमेरिकन के सीईओ बने और 2014 में कंपनी का नाम बदलकर बर्कशायर हैथवे एनर्जी कर दिया गया।

एबेल वर्तमान में बर्कशायर हैथवे के नॉन-इंश्योरेंस कारोबारों के वाइस चेयरमैन और Berkshire Hathaway Energy में चेयरमैन और CEO हैं। बफे कंपनी के चेयरमैन बने रहेंगे और हर दिन नेब्रास्का के ओमाहा में बर्कशायर के ऑफिस जाने की योजना बना रहे हैं। वह जहां जरूरत हो, एबेल की मदद करेंगे लेकिन आखिरी फैसला एबेल का होगा।

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और किसके पास क्या जिम्मेदारी

वाइस चेयरमैन अजीत जैन बर्कशायर के इंश्योरेंस बिजनेस के डेली ऑपरेशंस की देखरेख करते रहेंगे, जबकि एबेल BNSF, मैन्युफैक्चरिंग और एनर्जी बिजनेस की निगरानी करते रहेंगे। लग्जरी प्लेन यूनिट नेटजेट्स के चीफ एग्जीक्यूटिव एडम जॉनसन, बर्कशायर के कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, सर्विस और रिटेल बिजनेस की देखरेख करेंगे। अभी तक यह काम एबेल कर रहे थे। बर्कशायर ने यह नहीं बताया है कि उसका इक्विटी पोर्टफोलियो कौन संभालेगा, जिसमें 30 सितंबर 2025 तक 283.2 अरब डॉलर के स्टॉक थे।

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