ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म बर्नस्टीन का भारत के प्राइवेट बैंकों पर भरोसा घटा है। उसने अपने इंडिया मॉडल पोर्टफोलियो से निफ्टी आईटी इंडेक्स को हटा दिया है। उसने कहा है कि बाजार की रफ्तार बढ़ाने वाला कोई फैक्टर नहीं दिख रहा है। जियोपॉलिटिकल टेंशन, इनफ्लेशन और मानसून से जुड़े रिस्क बाजार के लिए बड़े चैलेंज दिख रहे हैं।
शेयरों से कमाई के लिहाज से स्थितियां चुनौतीपूर्ण
Bernstein ने कहा है कि पश्चिम एशिया में चल रही लड़ाई को लेकर टेंशन कम हुआ है। क्रूड ऑयल की कीमतें भी काफी नीचे आ गई हैं। लेकिन, शेयर बाजार से कमाई के लिहाज से स्थितियां मुश्किल दिख रही हैं। कई बड़े सेक्टर बड़ी चुनौतियां का सामना कर रहे हैं। मौके मार्केट में सिर्फ कुछ चुनिंदा शेयरों में हैं।
निफ्टी के लिए 26000 को टारगेट को बनाए रखा
बर्नस्टीन ने 1 जुलाई को जारी रिपोर्ट में ये बातें बताई हैं। उसने कहा है, "इंडिया में मार्केट के रिटर्न का आउटलुक अब भी मुश्किल दिख रहा है।" हालांकि, इस साल के अंत तक निफ्टी के 26,000 के टारगेट में उसने बदलाव नहीं किया है। इसका मतलब है कि मौजूदा लेवल से निफ्ली करीब 8-9 फीसदी चढ़ सकता है।
पोर्टफोलियो से इन शेयरों को किया बाहर
ब्रोकरेज फर्म ने अपने पोर्टफोलियो में हाल में हुए बदलाव के तहत ICICI Bank, IndusInd Bank और निफ्टी आईटी इंडेक्स के शेयरों को बाहर कर दिया है। हालांकि, उसने Axis Bank और Zydus Life के शेयरों को अपने पोर्टफोलियो में शामिल किया। ब्रोकरेज फर्म ने कहा है कि उसने फाइनेंशियल शेयरों में इस साल की शुरुआत में अपना निवेश घटाया था। इस सेक्टर को लेकर अब भी उसका एप्रोच सेलेक्टिव है।
प्राइवेट बैंकों में पहले जैसी ग्रोथ नहीं दिख रही
बड़े प्राइवेट बैंकों के बारे में बर्नस्टीन ने कहा है कि इनमें पहले की साइकिल जैसी ग्रोथ विजिबिलिटी और गवर्नेंस प्रीमियम नहीं दिख रहा। सरकारी बैंकों से प्रतियोगिता बढ़ रही है और शॉर्ट टर्म में रीरेटिंग की कोई संभावना नजर नहीं आ रही। उसने कहा है कि उसने इस साल खराब प्रदर्शन की वजह से आईसीआईसीआई बैंक और इंडसइंड को पोर्टफोलियो से बाहर कर दिया है।
डेटा सेंटर ईकोसिस्टम में दिख रहे मौके
शेयर बाजार के लिए स्थितियां चुनौतीपूर्ण होने के बावजूद बर्नस्टीन के इंडिया पोर्टफोलियो ने इस साल 1.1 फीसदी रिटर्न दिया है। यह इस दौरान निफ्टी के 6.7 फीसदी के निगेटिव रिटर्न से बेहतर है। उसने कहा है कि बाजार की मौजूदा स्थितियों में सीमित मौके दिख रहे हैं। ये मौके डेटा सेंटर ईकोसिस्टम और इमर्जिंग मैन्युफैक्चरिंग थीम में दिख रहे हैं। ये मौके ज्यादातर स्मॉलकैप स्टॉक्स तक सीमित हैं, जिससे मार्केट के कुल रिटर्न पर इनका असर पड़ने की संभावना नहीं है।
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