Bharti Airtel Shares: भारती एयरटेल ने एक दिन पहले मार्च तिमाही के शानदार नतीजे जारी किए। इसके चलते कंपनी के शेयर बुधवार 17 मई को फोकस में बने रहे। एयरटेल ने बताया कि मार्च तिमाही में उसका कंसॉलिडेटेड शुद्ध मुनाफा 50 फीसदी बढ़कर 3,006 करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले इसी तिमाही में 2,008 करोड़ रुपये था। तिमाही आधार पर कंपनी का मुनाफा 89 फीसदी बढ़ा है। भारती एयरटेल का ऑपरेशंस से रेवेन्यू मार्च तिमाही में 14 फीसदी बढ़कर 36,009 करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले इसी तिमाही में 31,500 करोड़ रुपये था। तिमाही आधार पर कंपनी के रेवेन्यू में 1 फीसदी की ग्रोथ दर्ज की गई।
कंपनी ने मुनाफे के मामले में उम्मीदों से बेहतर नतीजे दिया है। हालांकि रेवेन्यू के स्तर पर यह चूक गई। मनीकंट्रोल की ओर से कराए गए एक पोल में एनालिस्ट्स ने भारती एयरटेल का मार्च तिमाही में शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 15 फीसदी और तिमाही आधार पर 46 फीसदी बढ़ने का अनुमान जताया है। वहीं इसके रेवेन्यू में सालाना आधार पर 16 फीसदी और तिमाही आधार पर 2 फीसदी की बढ़ोतरी का अनुमान जताया गया था।
मार्च तिमाही के दौरान कंपनी का कंसॉलिडेटेड ऑपरेटिंग प्रॉफिट (EBITDA) 18,807 करोड़ रुपये रहा, जो सालाना आधार पर 18 प्रतिशत और तिमाही आधार पर 1 प्रतिशत अधिक है। वहीं कंपनी का ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन मार्च तिमाही में 52.2 प्रतिशत था, जो पिछले साल की इसी तिमाही में 50.8 प्रतिशत और पिछली तिमाही में 52.0 प्रतिशत था।
मार्च तिमाही के नतीजों के बाद भारती एयरटेल के शेयर के बारे में ब्रोकरेज का क्या कहना है:
रिसर्च फर्म ने 860 रुपये प्रति शेयर के टारगेट प्राइस के साथ शेयर पर 'ओवरवेट' रेटिंग रखी है। कंपनी ने अपने 4G और पोस्टपेड ग्राहकों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की, जबकि तिमाही रूप से सब्सक्राइबर्स के जाने की संख्या में आई है। उम्मीद से अधिक कैपिटल एक्सपेंडिटर से फ्री कैश फ्लो (FCF) कम हुआ है और फाइनेंस लीज की देनदारियों में बढ़ोतरी के चलते कंपनी का शुद्ध कर्ज अनुमान से अधिक था।
ब्रोकरेज हाउस ने 'अंडरवेट' रेटिंग दी है और 700 रुपये प्रति शेयर का टारगेट प्राइस तय किया है। चौथी तिमाही में रेवेन्यू में कमी आई, यहां तक कि EBITDA भी अनुमानों के मुताबिक रहा। प्रति यूजर्स औसत रेवेन्यू (ARPU) सपाट रहने के कारण भारत की वायरलेस रेवेन्यू ग्रोथ नरम रही। टेलीकॉम इंडस्ट्री में कैपिटल एक्सपेंडिचर का बढ़ना जारी है। 5G पर भारी पूंजीगत खर्च, टैरिफ हाइक की कमी और प्रीमियम प्रति यूजर्स औसत रेवेन्यू (ARPU) में गिरावट से निवेश किए गए पूंजी पर रिटर्न कम होगा।
विदेशी ब्रोकिंग हाउस ने 995 रुपये प्रति शेयर के टारगेट प्राइस के साथ 'ओवरवेट' रेटिंग रखी है। चौथी तिमाही के नतीजे उम्मीद से नरम रहे और कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू अनुमान से 3 प्रतिशत कम रहा। इंडिया में मोबाइल रेवेन्यू में ग्रोथ हुई। कंसॉलिडेटेड EBITDA अनुमान से 4 प्रतिशत पीछे रह गया और एबिट्डा मार्जिन तिमाही आधार पर लगभग स्थिर रहा।
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