Black Monday: 5 वजहों से Sensex में 1900 अंकों की गिरावट, Nifty भी टूटकर आया 22500 के नीचे

5 Reasons for Market Fall: घरेलू स्टॉक मार्केट में आज कोहराम मच गया। हफ्ते के पहले कारोबारी दिन आज जब मार्केट खुला तो इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स (Sensex) और निफ्टी 50 (Nifty 50) 2-2% से अधिक टूट गए। जानिए कि मार्केट में इस तेज बिकवाली की पांच मुख्य वजहें क्या रही और एक्सपर्ट का क्या कहना है

अपडेटेड Mar 23, 2026 पर 4:17 PM
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Black Monday: इस हफ्ते की कारोबारी शुरुआत ने निवेशकों को तगड़ा शॉक दिया। हफ्ते के पहले कारोबारी दिन आज घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स (Sensex) और निफ्टी 50 (Nifty 50) धड़ाम हो गए। मार्केट की इस हाहाकार में सेंसेक्स आज 1836.57 प्वाइंट्स यानी 2.46% की गिरावट के साथ 72,696.39 और निफ्टी 50 (Nifty 50) 601.85 प्वाइंट्स यानी 2.60% की फिसलन के साथ 22,512.65 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में तो सेंसेक्स 1,974.52 प्वाइंट्स टूटकर 72,558.44 और निफ्टी 50 भी 643.25 प्वाइंट्स फिसलकर 22,471.25 तक आ गया था।

ब्रोडर लेवल पर बात करें तो मिडकैप और स्मॉलकैप में भी जबरदस्त बिकवाली चल रही है। अमेरिका और ईरान के बीच चल रही जंग के चलते तेल के भाव बढ़े हुए हैं जिसने ग्रोथ और कमाई के आउटलुक को चोट पहुंचाई तो इसकी आंच शेयर मार्केट में भी महसूस हुई।

इन पांच वजहों से मार्केट में हाहाकार


कच्चे तेल में उबाल: कच्चा तेल आज हल्का सा ही ऊपर चढ़ा लेकिन अब भी यह प्रति बैरल $110 के पार बना हुआ है। अमेरिका और ईरान की एनर्जी प्लांट्स को निशाना बनाने की धमकियों से युद्ध बढ़ने की आशंका से कच्ते तेल में नरमी नहीं आ पा रही है। ब्रेंट क्रूड प्रति बैरल $113 के आस-पास है जो भारत जैसे कच्चे तेल के आयात पर अधिक निर्भर देशों के लिए बड़ी चुनौती है। तेल की ऊंची कीमतों से महंगाई की रफ्तार और ट्रेड डेफेसिट बढ़ता है तो रुपया भी कमजोर होता है और विदेशी निवेश को भी झटका लगता है। इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर फतीह बिरोल ने सोमवार को कहा कि मिडिल ईस्ट का मौजूदा संकट बहुत गंभीर है और 1970 के दशक के दो तेल संकटों से भी अधिक भयानक है।

विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली: विदेशी पोर्टपोलियो निवेशक (FPI) लगातार भारतीय मार्केट से पैसे निकाल रहे हैं। इस मार्च में उन्होंने अब तक किसी भी दिन नेट खरीदारी नहीं की है। 20 मार्च तक उन्होंने ₹90,152 करोड़ की नेट निकासी की है। जियोजीत इंवेस्टमेंट के चीफ इंवेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार का कहना है कि पश्चिमी एशिया में चल रही लड़ाई के चलते वैश्विक मार्केट की कमजोरी, रुपये की कमजोरी, और कच्चे तेल में उछाल ग्रोथ और कमाई पर असर डाल रहे हैं जिससे विदेशी निवेशकों का सेंटिमेंट प्रभावित हुआ है। उनका कहना है कि पिछले 18 महीने में बाकी बाजारों की तुलना में भारतीय मार्केट से कम रिटर्न ने भी विदेशी निवेशकों की बिकवाली बढ़ाई है।

India VIX में उछाल: मार्केट के माहौल को प्रभावित करने वाला इंडिया विक्स करीब 10% उछलकर 25.03 पर पहुंच गया जिसने मार्केट में घबराहट बढ़ाई है और उठा-पटक तेज हुई है।

जियोपॉलिटिल टेंशन: ईरान का कहना है कि अगर अमेरिका ने इसके पावर प्लांट्स पर हमला किया तो वह होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह बंद कर देगा और मिडिल ईस्ट के एनर्जी और वाटर इंफ्रास्ट्रक्चर पर जवाबी हमला करेगा।

कमजोर वैश्विक संकेत: पश्चिमी एशिया में चल रही लड़ाई के चलते एशियाई मार्केट में हाहाकार मच गया जिसकी आंच में भारतीय मार्केट भी झुलसा है। एशियाई मार्केट में 3% तक की गिरावट आई। अमेरिका और ईरान के बीच चल रही लड़ाई चौथे हफ्ते में प्रवेश कर चुकी है और इसने घबराहट बढ़ाई है।

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