मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) ने शुक्रवार 19 अगस्त को शेयर सेल ट्रांजैक्शंस (Share Sale Transactions) को लेकर एक नया नियम जारी किया। इसके तहत निवेशकों को ऐसे ट्रांजैक्शन के लिए अपने अपने डीमैट खातों में सिक्योरिटीज को रोकना यानी ‘ब्लॉक (Block)’ करना अनिवार्य होगा। अभी तक निवेशकों के लिए यह सुविधा वैकल्पिक है।
सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) एक सर्कुलर में कहा कि शेयर सेल ट्रांजैक्शन करने वाले निवेशकों के डीमैट अकाउंट में ‘ब्लॉक’ व्यवस्था 14 नवंबर से अनिवार्य हो जाएगी। बता दें कि शेयरों और सिक्योरिटीज को इलेक्ट्रॉनिक फॉर्म में जिसे अकाउंट में रखा जाता है, उसे डीमैट अकाउंट कहते हैं।
नए सिस्टम के तहत सेल ट्रांजैक्शन करने को इच्छुक निवेशकों के शेयरों को उसके डीमैट खाते में ब्लॉक कर दिया जाएगा। यह ट्रांजैक्शन से जुड़े क्लीयरिंग कॉरपोरेशन के पक्ष में किया जाएगा।
बता दें कि मार्केट रेगुलेटर SEBI ने जुलाई में ‘ब्लॉक’ सिस्टम लाने का फैसला किया था। इसके तहत एक अगस्त से निवेशकों के पास यह विकल्प होता कि वे एक सेल ट्रांजैक्शन के लिए अपने डीमैट खातों में सिक्योरिटीज को ब्लॉक कर सकते हैं।
निवेशकों के लिए 'अर्ली पे-इन (Early Pay-In)' का विकल्प भी उपलब्ध है। इस विकल्प के तहत शेयर ग्राहक के डीमैट अकाउंट से जुड़े क्लीयरिंग कॉरपोरेशन के खाते में ट्रांसफर किए जाते हैं। अगर अर्ली पे-इन सिस्टम के तहत सेल ट्रांजैक्शन नहीं हो पाता है तो उन शेयरों को ग्राहक के डीमैट अकाउंट में वापस कर दिया जाता है। इस प्रक्रिया में समय लगता है और इसमें लागत भी जुड़ी है।
हालांकि SEBI ने अब डिपॉजिटरी, क्लीयरिंग कॉरपोरेशन और शेयर बाजारों के साथ काफी सलाम-मशविरा करने के बाद यह फैसला किया है कि सभी अर्ली पे-इन ट्रांजैक्शन के लिए ‘ब्लॉक’ व्यवस्था की सुविधा अनिवार्य होगी।