किसी फंड मैनेजर या इनवेस्टर के लिए Zomato या Swiggy जैसी कंपनियों का फंडामेंटल एनालिसिस मुश्किल हो सकता है। इसकी वजह फ्यूचर के फाइनेंशियल डेटो को तो छोड़ दीजिए इनके फ्यूचर बिजनेस मॉडल तक का अंदाजा लगाना मुश्किल है। Zomato के फाउंडर दीपेंदर गोयल ने कहा कि शुरुआत के 16 साल बाद जोमैटो काफी बदल चुकी है। हाल में एक बातचीत में गोयल ने कहा था कि हमारे लिए यह मायने रखता है कि बिजनेस में हम क्या नई चीज लाते हैं। कंपनी ऐसे कॉनसेप्ट में निवेश कर रही है, जिसमें मौजूदा कामकाज में बड़ा बदलाव लाने की क्षमता है।
