Get App

Blinkit की ग्रोथ Zomato से तेज, जल्द यह पेरेंट कंपनी से आगे निकल जाएगी

ब्लिंकिट पर जोमैटो का दांव सही साबित हुआ है। यह तेजी से विस्तार कर रही है। जल्द यह साइज के मामले में जोमैटो को पीछे छोड़ देगी। जोमैटो ब्लिंकिट की प्रति ऑर्डर वैल्यू बढ़ाने की कोशिश कर रही है। इसके लिए वह प्रोडक्ट्स के मामले में डायवर्सिफिकेशन पर फोकस कर रही है

MoneyControl Newsअपडेटेड Mar 20, 2024 पर 4:58 PM
Blinkit की ग्रोथ Zomato से तेज, जल्द यह पेरेंट कंपनी से आगे निकल जाएगी
बैंक ऑफ अमेरिकी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, क्यू-कॉमर्स के मार्केट करीब 2.5 करोड़ परिवार हैं। इनमें से हर परिवार का मासिक खर्च करीब 4,000-5,000 रुपये के बीच है।

किसी फंड मैनेजर या इनवेस्टर के लिए Zomato या Swiggy जैसी कंपनियों का फंडामेंटल एनालिसिस मुश्किल हो सकता है। इसकी वजह फ्यूचर के फाइनेंशियल डेटो को तो छोड़ दीजिए इनके फ्यूचर बिजनेस मॉडल तक का अंदाजा लगाना मुश्किल है। Zomato के फाउंडर दीपेंदर गोयल ने कहा कि शुरुआत के 16 साल बाद जोमैटो काफी बदल चुकी है। हाल में एक बातचीत में गोयल ने कहा था कि हमारे लिए यह मायने रखता है कि बिजनेस में हम क्या नई चीज लाते हैं। कंपनी ऐसे कॉनसेप्ट में निवेश कर रही है, जिसमें मौजूदा कामकाज में बड़ा बदलाव लाने की क्षमता है।

निवेशकों के रास्ता आसान नहीं

गोयल ने ब्लिंकिट के एक साल के अंदर जोमैटो से बड़ी हो जाने का अनुमान जताया है। ऐसे में उन्होंने लंबी अवधि में जोमैटो के वजूद को लेकर अनिश्चितता जताई है। यह सोच स्टार्टअप कॉन्फ्रेंस में तारीफ बटोर कर सकती है, लेकिन फंड मैनेजर्स के लिए यह डराने वाली तस्वीर पेश करती है। जब फाउंडर को खुद अपने बिजनेस मॉडल पर भरोसा नहीं है तो दूसरों की बात करने का क्या फायदा।

ब्लिंकिट की प्रति ऑर्डर वैल्यू बढ़ाने पर फोकस

सब समाचार

+ और भी पढ़ें