Brigade Enterprises share Price: ब्रिगेड एंटरप्राइजेज के शेयर में 17 जून को शुरुआती कारोबार में 20 फीसदी से ज्यादा गिरावट दिखी। इसकी वजह यह है कि यह शेयर अब एक्स-बोनस हो गया है। हालांकि, बोनस इश्यू को एडजस्ट करने के बाद शेयर में असल में 6 फीसदी से ज्यादा तेजी पर ट्रेडिंग हो रही है।
16 जून के क्लोजिंग प्राइस से 20% नीचे भाव
Brigade Enterprises के शेयर में सुबह में 575 रुपये पर ट्रेडिंग हो रही थी। यह एडजस्टेड बेसिस पर 16 जून को क्लोजिंग प्राइस से 20.1 फीसदी कम है। इस तेज गिरावट की वजह यह है कि शेयर का प्राइस कंपनी के 1:3 बोनस के हिसाब से एडजस्ट हुआ है। बोनस शेयर के तहत कंपनी के शेयरहोल्डर्स को हर तीन शेयर पर एक बोनस शेयर मिलेगा। इस रेशियो का मतलब स्टॉक प्राइस में 25 फीसदी की गिरावट है।
17 जून को एक्स-बोनस हो गया शेयर
ब्रिगेड एंटरप्राइजेज का शेयर 17 जून को एक्स-बोनस हो गया। कंपनी ने बोनस शेयरों के लिए शेयरहोल्डर्स की योग्यता के निर्धारण के लिए 16 जून रिकॉर्ड डेट तय की थी। जिन निवेशकों के डीमैट अकाउंट में 16 जून को ट्रेडिंग बंद होने पर ब्रिगेड एंटरप्राइजेज के शेयर थे, वे बोनस शेयर के हकदार होंगे। एक्स-डेट पर या उसके बाद शेयर खरीदने वाले इनवेस्टर बोनस शेयर के हकदार नहीं होंगे।
बोनस शेयर से संख्या बढ़ती है, शेयर की वैल्यू नहीं
बोनस शेयर से आउटस्टैंडिंग शेयरों की संख्या बढ़ जाती है, जबकि इनवेस्टर्स की कुल होल्डिंग की वैल्यू में कोई बदलाव नहीं होता है। इस वजह से शेयर के एक्स-बोनस होने पर उसकी कीमत में बोनस रेशियो के हिसाब से गिरावट आती है। इसे एक उदाहरण की मदद से समझ सकते हैं। मान लीजिए रिकॉर्ड डेट पर किसी इनवेस्टर के पास ब्रिगेड एंटरप्राइजेज के 30 शेयर हैं। तो उसे 1:3 के अनुपात के हिसाब से अतिरिक्त 10 शेयर मिलेंगे।
करीब 7 साल बाद कंपनी ने दिया है बोनस शेयर
10 अतिरिक्त शेयर मिलने पर इनवेस्टर्स के पास ब्रिगेड एंटरप्राइजेज के कुल 40 शेयर हो जाएंगे। शेयर की कीमत इसी हिसाब से एडजस्ट हो जाएगी, जिससे उसके कुल शेयरों की वैल्यू में किसी तरह का बदलाव नहीं होगा। यह बीते करीब सात साल में ब्रिगेड एंटरप्राइजेज का पहला बोनस इश्यू है। इससे पहले कंपनी ने अगस्त 2019 में 1:2 के अनुपात में बोनस शेयर इश्यू किया था।
डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।