Brigade Hotel IPO Listing: दिग्गज रियल एस्टेट डेवलपर्स में शुमार बीईएल की पूर्ण मालिकाना हक वाली कंपनी ब्रिगेड होटल के शेयरों की आज घरेलू मार्केट में भारी डिस्काउंट पर एंट्री हुई। इसके आईपीओ को ओवरऑल 4 गुना से अधिक बोली मिली थी लेकिन एंप्लॉयीज का हिस्सा पूरा नहीं भर पाया था। आईपीओ के तहत ₹90 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹82.00 और NSE पर ₹81.10 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को कोई लिस्टिंग गेन नहीं मिला बल्कि उनकी पूंजी ही लिस्टिंग पर करीब 9% घट गई।। हालांकि लिस्टिंग के बाद शेयरों ने रिकवरी की कोशिश की। उछलकर BSE पर यह ₹87.80 (Brigade Hotel Share Price) पर पहुंच गया। दिन के आखिरी में यह ₹85.40 पर बंद हुआ है यानी कि पहले कारोबारी दिन की समाप्ति पर आईपीओ निवेशक 5.11% घाटे में हैं। एंप्लॉयीज कम घाटे में हैं क्योंकि उन्हें हर शेयर ₹3 के डिस्काउंट पर मिला है।
Brigade Hotel IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च
ब्रिगेड होटल वेंचर्स का ₹759.60 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 24-28 जुलाई तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का अच्छा रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 4.76 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 5.74 गुना, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 2.03 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 6.83 गुना, एंप्लॉयीज का हिस्सा 0.99 गुना और शेयरहोल्डर्स का हिस्सा 3.48 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 8.44 नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹468.14 करोड़ कंपनी और इसकी सब्सिडरी एसआरपी प्रॉस्पेरिटा होटल वेंचर्स का कर्ज हल्का करने, ₹107.52 करोड़ प्रमोटर बीईएल से जमीन खरीदने और बाकी पैसे अधिग्रहण और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।
Brigade Hotel के बारे में
देश के अहम शहरों में होटल बनाने वाली ब्रिगेड डेवलपर देश की दिग्गज रियल एस्टेट डेवलपर्स में शुमार बीईएल की पूर्ण मालिकाना हक वाली कंपनी है। इसके बनाए हुए अधिकतर होटल दक्षिण भारत में हैं। कर्नाटक के बंगलुरु, तमिलनाडु के चेन्नईष केरल के कोच्चि, कर्नाटक के मैसूर, और गुजरात के गिफ्ट सिटी में इसके नौ होटल्स चल रहे हैं जिसमें 1604 कमरे हैं। इसके बनाए हुए होटल्स मैरियट, एकोर और इंटरकॉन्टिनेंटल होटल्स ग्रुप चला रही हैं।
कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2023 में इसे ₹3.09 करोड़ का शुद्ध घाटा हुआ था लेकिन अगले वित्त वर्ष 2024 में यह ₹31.14 करोड़ के मुनाफे में आई जो वित्त वर्ष 2025 में ₹23.66 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू सालाना 14% से अधिक की चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़कर ₹470.68 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी पर कर्ज की बात करें तो वित्त वर्ष 2023 के आखिरी में इस पर ₹632.50 करोड़ और वित्त वर्ष 2024 के आखिरी में ₹601.19 करोड़ का कर्ज था तो वित्त वर्ष 2025 के आखिरी में ₹617.32 करोड़ का कर्ज था।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।