कारेलियन कैपिटल के संस्थापक विकास खेमानी (Carnelian Capital Vikas Khemani) ने निवेशकों को सलाह दी है कि वे कुछ समय के लिए मेटल और कंजम्पशन शेयरों से दूर रहें। सीएनबीसी टीवी-18 के साथ एक साक्षात्कार में विकास खेमानी ने बैंकिंग क्षेत्र, ऑटोमोबाइल क्षेत्र और समग्र इक्विटी बाजारों पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि इस समय एक अनिश्चितता भरे बाजार में हैं इसलिए संभलकर ट्रेड लेना चाहिए।
पेश है उसे बातचीत के कुछ प्रमुख अंश
क्या हम पर इक्विटी बाजारों में बड़ी गिरावट देखने का खतरा मंडरा रहा है?
इस पर खेमानी ने कहा कि हम विश्व स्तर पर अनिश्चितता भरे समय में कारोबार कर रहे हैं। यूक्रेन में भू-राजनीतिक तनाव, चीन में लॉकडाउन और मुद्रास्फीति आदि कई दिक्कतें एक साथ दबाव डाल रही हैं। इनसे जुड़े मुद्दे बाजारों को अनिश्चित और अस्थायी बनाए रखेंगे। अगले तीन-चार महीनों में स्थिति कुछ साफ हो जाएगी। मुद्रास्फीति की बड़ी चिंता अभी भी बनी हुई है। यदि चीन में लॉकडाउन लंबे समय तक रहता है तो आपूर्ति की दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
कैसा रहेगा अगले 12 महीनों में आईटी शेयरों का प्रदर्शन?
विकास खेमानी ने कहा कि एक या दो मामलों को छोड़कर आईटी कंपनियों के नतीजे काफी अच्छे रहे हैं। एट्रिशन मुद्दों के कारण छोटी अवधि में कुछ चुनौतियां हैं। लेकिन ये दिक्कतें अगली कुछ तिमाहियों में सुलझ जाएंगी क्योंकि अब अधिक फ्रेशर्स इसमें जुड़ रहे हैं।
ऑटोमोबाइल सेक्टर पर आउटलुक?
ऑटोमोबाइल सेक्टर पर राय व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि चिप की किल्लत कम होने की उम्मीद है। अगले 12 से 18 महीनों में ऑटो सेक्टर अच्छा प्रदर्शन करेगा। हम कुछ समय के लिए बैंकिंग पर बहुत पॉजिटिव रहे हैं। विशेष रूप से इस वर्ष की शुरुआत में हम इस सेक्टर पर पॉजिटिव रहे हैं। इसका कारण यह है कि ब्याज दरों में मामूली वृद्धि से बैंकों को मदद मिलती है। वहीं तिमाही दर तिमाही क्रेडिट ग्रोथ बेहतर हो रही है।
खेमानी ने आगे कहा कि भारत एक लंबे क्रेडिट साइकल से बाहर आ रहा है और यह अगले चार-पांच वर्षों तक यही स्थिति रहेगी। हम क्रेडिट और नॉन-क्रेडिट फाइनेंशियल सर्विसेस दोनों के बारे में काफी पॉजिटिव हैं। वहीं क्रेडिट नॉन-क्रेडिट से बेहतर रिटर्न दे सकता है। बैंकिंग सेक्टर काफी अच्छा दिख रहा है।
आप किस क्षेत्र पर निगेटिव हैं?
मेटल निगेटिव रूप से आश्चर्यचकित कर सकता है। हमें कीमतों में मंदी का दौर शुरू होता दिख रहा है। हमारा मानना है कि जैसे-जैसे तनाव कम होगा, आप देखेंगे कि कमोडिटी की कीमतें कम हो रही हैं। कमोडिटी के लिए रिस्क रिवार्ड अनुकूल नहीं है। हमें इसको लेकर सतर्क रहना होगा। सामरिक दृष्टिकोण से ऐसा लगता है कि कंजम्प्शन स्टॉक कुछ समय के लिए अच्छा नहीं कर सकते हैं। लेकिन अंततः सप्लाई की दिक्कतें दूर होने के बाद ये अच्छा परफॉर्म कर सकते हैं।
(डिस्क्लेमरः Moneycontrol.com पर दिए जाने वाले विचार और निवेश सलाह निवेश विशेषज्ञों के अपने निजी विचार और राय होते हैं। Moneycontrol यूजर्स को सलाह देता है कि वह कोई निवेश निर्णय लेने के पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह लें। )