महिंद्रा एंड महिंद्रा (Mahindra & Mahindra (M&M) का वित्त वर्ष 24 की पहली तिमाही में मुनाफा 98 प्रतिशत बढ़कर 2,774 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल पहले की पहली तिमाही में कंपनी का मुनाफा 1,404 करोड़ रुपये था। कंपनी का रेवेन्यू 23 प्रतिशत के उछाल के साथ 24,368 करोड़ रुपये रहा। वित्त वर्ष 23 की पहली तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 19,813 करोड़ रुपये था। व्हीकल्स की कीमतें बढ़ाने से मुनाफे और रेवन्यू को बढ़ाने में मदद मिली। नतीजों के बाद ब्रोकरेज फर्मों ने कंपनी के शेयर पर अपनी राय जाहिर की है। आज इस दिग्गज ऑटो स्टॉक पर नोमुरा, ग्रोल्डमैन सैक्स और जेपी मॉर्गन तीनों ब्रोकरेज फर्मों ने खरीदारी की रेटिंग दी है।
नोमुरा ने महिंद्रा एंड महिंद्रा पर खरीदारी की रेटिंग दी है। इसके शेयर का लक्ष्य 1,730 रुपये/शेयर तय किया है। उनका कहना है कि फार्म सेगमेंट से ऑपरेटिंग प्रॉफिट/EBIT मार्जिन ने आश्चर्यचकित किया है। कमोडिटी कीमतें अनुकूल रहने से भी फायदा हुआ। कंपनी ने स्पष्ट किया कि यह आरबीएल प्रबंधन के साथ मिलकर काम करने के लिए उसमें निवेश किया गया है। एमएंडएम उन जानकारियों को इकट्ठा करना चाह रहा है जो एमएंडएम फाइनेंस की व्यावसायिक क्षमता को बढ़ा सकें।
नोमुरा ने महिंद्रा एंड महिंद्रा पर खरीदारी की रेटिंग दी है। इसके शेयर का लक्ष्य 1,715 रुपये/शेयर तय किया है। उनका कहना है कि कंपनी के Q1 नतीजे अनुमान से अच्छे रहे। मैनेजमेंट ने संकेत दिया कि वे अगले 2-3 वर्षों में और अधिक पूंजी निवेश पर विचार नहीं कर रहे हैं। मैनेजमेंट ने कहा कि ऑटो और फार्म सेगमेंट से FCF को अन्य ‘Svcs’ में निवेश नहीं किया जाएगा। इससे फिलहाल पूंजी आवंटन पर निवेशकों की चिंताएं कम होनी चाहिए। Q1 में कंसोलिडेटेड RoE में सुधार होकर 24.2% हो गया है। जबकि एमएंडएम ने बाहरी निवेशकों को आकर्षित करना जारी रखा है।
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