Stocks On Broker's Radar: बाजार में आज कारोबार तेजी में होता हुआ दिखाई दिया। पिछले हफ्ते लगातार बुलिश चाल के बाद आज कारोबारी हफ्ते के पहले दिन बाजार में बुल्स की रफ्तार देखने को मिली। बाजार में आज कैपिटल गुड्स, रियल्टी और सरकारी बैंकों में भी खरीदारी देखने को मिली। हालांकि IT और ऑटो शेयर में दबाव भी नजर आया। लेकिन तेल और गैस शेयर सबसे ज्यादा भागते हुए दिखाई दिये। निफ्टी एनर्जी इंडेक्स करीब 2 परसेंट मजबूत हुआ है। गैस कंपनियों पर सीएलएसए ने पॉजिटिव रिपोर्ट के बाद इन स्टॉक्स पर निवेशकों को भरोसा बढ़ता हुआ दिखाई दिया। इसके साथ ही नुवामा ने एएमसी कंपनियों पर अपनी रिपोर्ट में विभिन्न कंपनियों के स्टॉक्स पर अलग-अलग रेटिंग दी है जबकि आईसीआईसीआई बैंक पर सिटी ने खरीदारी की राय दी है।
सीएलएसए ने गैस कंपनियों पर जारी अपनी रिपोर्ट में कहा कि पेट्रोनेट का गैस ट्रांसमिशन टैरिफ नियम बदलने का प्रस्ताव है। जून 2025 तक गैस ट्रांसमिशन टैरिफ के नियमों में बदलाव होने की संभावना है। उनका कहना है कि नए नियम से IGL और MGL का ऑपरेटिंग खर्च घट सकता है। GSPL और GAIL के लिए अधिक ट्रैरिफ के रास्ते भी खुलेंगे। वहीं दूसरी तरफ गैस का इस्तेमाल करने वाली कंपनियों का कॉस्ट बढ़ेगा।
नुवामा ने एएमसी कंपनियों पर कहा कि इक्विटी इंडेक्स में करेक्शन के बाद AMCs के इक्विटी AUM में गिरावट संभव है। पिछले एक साल में HDFCAMC और UTIAM के प्रदर्शन में सुधार दिखाई दिया है। पिछले एक साल में NAM के प्रदर्शन में थोड़ी गिरावट नजर आई है। NAM ने अपने फ्लैगशिप स्मॉलकैप स्कीम पर निर्भरता घटाई है। FY26/27 के लिए नेट इंफ्लो और MTM अनुमान को घटाया है।
नुवामा ने कहा कि एचडीएफसी एएमसी (HDFC AMC) पर खरीदारी की राय दी है। इसका टारगेट 4610 रुपये तय किया है। कैम्स (CAMS) पर ब्रोकरेज ने होल्ड रेटिंग दी है। इसका लक्ष्य उन्होंने 3970 रुपये तय किया है। वहीं निप्पॉन लाइफ (NIPPON LIFE) पर नुवामा ने खरीदारी की राय देते हुए 680 रुपये का लक्ष्य तय किया है।
सिटी ने आईसीआईसीआई बैंक के स्टॉक पर खरीदारी की राय दी है। इसका टारगेट 1600 रुपये प्रति शेयर तय किया है। ब्रोकरेज का कहना है कि Q4 में NIM में सुधार का अनुमान है। उन्होंने कहा कि 50 bps रेट कट से FY26 NIM पर 20-25 bps असर संभव है। इसके अनसिक्योर्ड लोन स्ट्रेस में स्थिरता आ रही है। कॉर्पोरेट लोन में रिकवरी से क्रेडिट कॉस्ट में सुधार संभव है। FY26 के बाद धीरे-धीरे क्रेडिट कॉस्ट सामान्य हो सकता है। अनसिक्योर्ड लोन सेगमेंट में धीरे-धीरे सुधार की उम्मीद है। ब्रोकरेज के मुताबिक डिपॉजिट मोबलाइजेशन की कोई चुनौती नहीं है। प्रोमोशन और मार्केटिंग के साथ फ्रेंचाइजी में निवेश जारी है।
(डिस्क्लेमरः Moneycontrol.com पर दिए जाने वाले विचार और निवेश सलाह निवेश विशेषज्ञों के अपने निजी विचार और राय होते हैं। Moneycontrol यूजर्स को सलाह देता है कि वह कोई निवेश निर्णय लेने के पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह लें।)