शेयर बाजार में बना रिकॉर्ड, पहली बार 5.5 ट्रिलियन डॉलर के पार पहुंची BSE पर लिस्टेड कंपनियों की मार्केट वैल्यू

BSE Market-Cap: शेयर बाजार में आज 30 जुलाई को एक नया रिकॉर्ड बना। बीएसई पर लिस्टेड सभी कंपनियों का मार्केट कैपिटलाइनजेशन पहली बार 5.5 ट्रिलियन डॉलर को पार कर गया। यह इस साल की शुरुआत से अबतक करीब 22.6 फीसदी की तेजी है। बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप 4.2 ट्रिलियन डॉलर था

अपडेटेड Jul 30, 2024 पर 2:40 PM
BSE Market-Cap: सेंसेक्स-निफ्टी के अलावा बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्सों में भी इस साल जोरदार तेजी आई है

BSE Market-Cap: शेयर बाजार में आज 30 जुलाई को एक नया रिकॉर्ड बना। बीएसई पर लिस्टेड सभी कंपनियों का मार्केट कैपिटलाइनजेशन पहली बार 5.5 ट्रिलियन डॉलर को पार कर गया। यह इस साल की शुरुआत से अबतक करीब 22.6 फीसदी की तेजी है। बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप 4.2 ट्रिलियन डॉलर था। सेंसेक्स-निफ्टी के अलावा बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्सों में भी इस साल जोरदार तेजी आई है, जिसके चलते मार्केट कैप को रिकॉर्ड स्तर पर जाने में मदद मिली।

शेयर बाजार में तेजी के पीछे कई वजहें हैं। इसमें केंद्र में बीजेपी की अगुआई वाली सरकार की वापसी, ग्लोबल मार्केट्स में पॉजिटिव माहौल, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) की फिर से वापसी और कंपनियों की मजबूत अर्निंग्स शामिल हैं। घरेलू निवेशकों की ओर से बाजार में लगातार खरीदारी, भारतीय इकोनॉमी के ग्रोथ की मजबूत संभावनाएं और सामान्य से बेहतर मानसून के अनुमान से भी बाजार को बढ़ने में मदद मिली।

इस बीच कई एनालिस्ट्स ऊंचे वैल्यूएशन और जून तिमाही के कमजोर अर्निंग्स के चलते सतर्क हैं। कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने एक नोट में बताया कि निफ्टी-50 कंपनियों के जून तिमाही में शुद्ध मुनाफे में औसतन सिर्फ 0.7 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। साथ ही उनके वॉल्यूम ग्रोथ में सुस्ती और मार्जिन में नरमी देखने को मिली है। ब्रोकरेज ने कहा कि इसके अलावा कुछ कमजोर प्रदर्शन वाले सेक्टर्स में तेजी से उछाल देखा गया है, जिसने स्टॉक को और भी मुश्किल बना दिया है।


एनालिस्ट्स का कहना है कि भारत की लंबी अवधि की ग्रोथ संभावनाएं मजबूत बनी हुई हैं। यूनियन बजट से भी पता चलता है सरकार आर्थिक स्थिरता को लेकर प्रतिबद्ध है।

ICICI सिक्योरिटीज ने एक रिपोर्ट में कहा कि सरकार ने टैक्स में जो हालिया बदलाव किए हैं, उससे योजनाओं के लिए एसेट्स एलोकेशन में मदद मिलने की उम्मीद है। कुल मिलाकर बजट को पॉजिटिव तौर पर देखा जा रहा है और यह एक हेल्दी इकोनॉमिक साइकल को सपोर्ट करता है। ब्रोकरेज ने कहा कि इस समय मिडकैप और स्मॉलकैप के मुकाबले, लार्जकैप शेयरों का वैल्यूएशन वाजिब दिख रहा है। ऐसे में निवेशकों को इस निवेश के लिए हाइब्रिड और मल्टी-एसेट्स वाली रणनीति अपनानी चाहिए।

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