Share Maret Today: शेयर बाजार में आज 9 दिसंबर को कारोबार के दौरान सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट देखने को मिली। हालांकि बीएसई मिडकैप (BSE Midcap) और स्मॉलकैप (BSE Smallcap) इंडेक्स तेजी के साथ कारोबार कर रहे थे। इन दोनों इंडेक्सों में पिछले कुछ दिनों से लगातार तेजी देखने को मिल रही है। बीएसई मिडकैप इंडेक्स पिछले 11 कारोबारी दिन में से 10 दिन बढ़त के साथ बंद हुआ है। वहीं स्मॉलकैप इंडेक्स में लगातार 11 दिनों से तेजी जारी है। 13 नवंबर से अब तक दोनों इंडेक्सों में करीब 9 प्रतिशत की तेजी आई है। BSE मिडकैप सूचकांक तो अब अपने रिकॉर्ड हाई से महज 4 प्रतिशत दूर है। वहीं बीएसई स्मॉलकैप इंडेक्स अपने शिखर से सिर्फ एक प्रतिशत पीछे है।
इस तेजी से पहले अक्टूबर और नवंबर के बीच दोनों इंडेक्सों में तेज करेक्शन देखने को मिला था और ये 10 प्रतिशत से भी अधिक लुढ़क गए थे। हालांकि, सबसे अहम बात यह है कि इन दोनों इंडेक्सों में हालिया तेजी के बावजूद, मार्केट एक्सपर्ट्स इनके ऊंचे वैल्यूएशन के चलते निवेशकों को सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
एक्सपर्ट्स ने चेतावनी दी है कि यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि करेक्शन पूरी तरह से खत्म हो गया है। उन्होंने कहा कि पिछले 18 महीनों के दौरान हमने बाजार में अंधाधुंध पैसा बनता देखा था, लेकिन अब ये रणनीति काम नहीं आने वाली है। इसकी जगह निवेशकों को स्टॉक चुनने में अधिक सतर्कता और फंडामेंटल्स पर फोकस करने की सलाह दी जाती है। उन्होंने कहा कि मिड और स्मॉल-कैप सेगमेंट के सभी शेयरों में मौजूदा स्तरों से पर्याप्त लाभ देने की उम्मीद नहीं है।
असित सी मेहता इन्वेस्टमेंट इंटरमीडिएट्स के रिसर्च हेड, सिद्धार्थ भामरे ने कहा, "मैं इस बात को लेकर बहुत पॉजिटिव नहीं हूं कि यह उछाल किसी ट्रेंड रिवर्सल का संकेत है। इस बात की संभावना है कि आर्थिक ग्रोथ धीमी होने, कमजोर अर्निंग्स और ऊंची महंगाई जैसी लगातार चुनौतियों के कारण इस रैली को बिकवाली का सामना करना पड़ेगा।"
बाकी एनालिस्ट्स ने भी कुछ ऐसी ही राय दी। शेयरखान बाय BNP परिबास के गौरव दुआ ने इस बात की ओर ध्यान दिलाया कि दिसंबर में आम तौर पर बाजार में मजबूत प्रदर्शन देखने को मिलता है, जिसे अक्सर "सांता क्लॉज रैली" कहा जाता है। उन्होंने कहा हालिया तेजी घरेलू निवेशकों के चलते आई है क्योंकि विदेशी निवेशकों की भागीदारी इस समय छुट्टियों के सीजन के चलते कम हुई है।
इस तेजी के बावजूद, दुआ ने निवेशकों को सलाह दी है कि वे इस तेजी का इस्तेमाल मिडकैप, स्मॉलकैप और माइक्रोकैप शेयरों में अपने निवेश को घटाने में करें। उन्होंने कहा कि इन शेयरों के फंडामेंटल में कोई सुधार नहीं है और वैल्यूएशन को लेकर भी चिंताएं बनी हुई हैं।
एनालिस्ट्स का कहना है कि मौजूदा तेजी कुछ समय के लिए जारी भी रह सकती है, लेकिन जनवरी का अर्निंग्स सीजन नई निराशा ला सकता है। बीएसई मिडकैप इंडेक्स फिलहाल अपने एक साल के फॉरवर्ड अर्निंग्स पर 28.77x के पीई रेशियो 28.77x पर कारोबार कर रहा है, जो इसके 10-सालों के औसत पीई रेशियो 25.93x से काफी अधिक है। इसी तरह, बीएसई स्मॉलकैप इंडेक्स 23.89x के फॉरवर्ड पीई अनुपात पर कारोबार कर रहा है, जो इसके 10-साल के औसत 19.64x से अधिक है।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना हेतु दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।