दूरसंचार विभाग ने बीएसएनएल (BSNL) के 10 हजार टावर लीज पर देने को मंजूरी दे दी है। बीएसएनएल द्वारा ये टावर्स लंबी अवधि के लिए लीज पर दिये जायेंगे। टावर थर्ड पार्टी वेंडर को पीपीपी मॉडल के तहत लीज पर दिए जाएंगे। सरकार को इससे दो से ढाई हजार करोड़ मिलने की उम्मीद है। टावर्स को लीज पर दिये जाने की मंजूरी मिलने के बाद बीएसएनएल इसके लिए बोलियां मंगा सकता है। बीएसएएनएल द्वारा इसी महीने टावर्स लीज पर दिये जाने के लिए बिड्स आमंत्रित किये जायेंगे।
इस पर ज्यादा जानकारी देते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के असीम मनचंदा ने कहा कि दूरसंचार विभाग ने BSNL द्वारा 10,000 टावर लंबी अवधि के लिए लीज पर देने को हरी झंडी प्रदान कर दी है। कंपनी ये टावर PPP मॉडल के तहत लीज पर देगी। BSNL इसी महीने बोलियां मंगाने की शुरुआत करेगा। ये टावर थर्ड पार्टी वेंडर को लीज पर दिए जाएंगे। इसके बाद थर्ड पार्टी वेंडर ही इन टावर को मैनेज करेंगे।
असीम ने आगे कहा कि एयरटेल (Airtel) के पास पहले से टावर किराये पर हैं। इसके साथ ही रिलायंस जियो (Reliance Jio) के पास भी किराए पर टावर मौजूद हैं। माना जा रहा है कि दूरसंचार विभाग के इस फैसले के बाद बीएसएनएल के टावर लीज पर लेने के लिए डेटा इंफ्रा ट्रस्ट (Data Infra Trust), एटीसी (ATC), इंडस टावर (Indus Tower) जैसी कंपनियां बोली लगा सकती हैं।
इससे सरकार की झोली में भी अच्छी खासी रकम आने की संभावना है। माना जा रहा है कि सरकार को लीज से 2000 -2500 करोड़ रुपये की कमाई का अनुमान लगाया गया है। इस पूरी प्रक्रिया को कंपलीट करने के लिए सरकार ने केपीएमजी (KPMG) को कंसल्टेंट नियुक्त किया था।
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