बाजार की आगे की दशा और दिशा पर बात करने के लिए आज सीएनबीसी-आवाज़ के साथ जुड़े प्राइम सिक्टोरिटीज ( PRIME SECURITIES) के मैनेजिंग डायरेक्टर एन जय कुमार (N Jayakumar)। कैपिटल मार्केट में कई दशकों का अनुभव रखने वाले एन जय कुमार इक्विटी रिसर्च और वेल्थ मैनेजमेंट में बड़ी हस्ती माने जाते हैं। ये 1992 से ही प्राइम सिक्योरिटीज से जुड़े हुए हैं। आइये इनसे जानते हैं कि रिकॉर्ड तेजी वाले इस बाजार में क्या करना चाहिए।
रेट कट के बादा बाजार में थोड़ी मुनाफावसूली संभव
एन जयकुमार की राय है कि अक्सर किसी बड़े इवेंट के बाद बाजार में करेक्शन आता है। रेट कट के बादा बाजार में थोड़ी मुनाफावसूली हो सकती है। वैसे भी बाजार में करेक्शन की बात चल रही है। रैली के बाद बाजार में करेक्शन होता है। इस समय बाजार में सेक्टर रोटेशन हो रहा है।
MF से जुड़े फाइनेंशियल शेयरों और कमोडिटी शेयरों में तेजी की उम्मीद
इंटरेस्ट रेट कट से 2-3 सेक्टरों को सीधा फायदा हो सकता है। ये हैं फाइनेंशियल सेक्टर और कमोडिटी से जुड़े शेयर। एन जयकुमार का कहना है कि आगे फाइनेंशियल सेक्टर से ही जुडें वेल्थ क्रिएटर जैसे MF से जुड़े फाइनेंशियल शेयरों, स्टॉक एक्सचेंज शेयरों और कैपिटल मार्केट के ब्रोकरेज कारोबार से जुड़े शेयरों में तेजी आ सकती है। रिटेल सेविंग्स का बड़ा हिस्सा बाजार में आ रहा है। इसका इन सेक्टरों को फायदा होगा।
अगले 12-18 महीनों तक चलेगा, दरों में कटौती का दौर
एन जयकुमार की राय है कि दरों में कटौती का दौर अगले 12-18 महीनों तक चलेगा। इसके कैपेक्स और कमोडिटी से जुड़ी कंपनियों को फायदा होगा। फार्मा में प्रदर्शन के आधार पर तेजी रही रहा है। ये आगे भी कायम रहेगी। US जेनेरिक और PLI के चलते फार्मा में तेजी आने की संभावना है।
इंडेक्स में फार्मा का वेटेज काफी कम है। ऊंची ब्याज दरों के चलते यूरोप में छोटी जेनेरिक कंपनियां बंद हुई हैं। फार्मा में वैल्युएशन और वेटेज कंफर्ट है।
अब सरकारी कंपनियों में टाइम करेक्शन संभव
एन जयकुमार का कहना है कि अब सरकारी कंपनियों में टाइम करेक्शन संभव है। रेट कट से कंजम्प्शन बढ़ सकता है। इससे FMCG के सिंगल डिजिट ग्रोथ में थोड़ा सुधार होगा। FMCG से ज्यादा ग्रोथ फार्मा सेक्टर में संभव है।
प्राइमरी मार्केट में काफी समय से बबल
बजाज हाउसिंग फाइनेंस के आने से हाउसिंग फाइनेंस स्पेस की री-रेटिंग हुई है। आगे पेटकेम, डाटा सेंटरस रीन्यूएबल एनर्जी, रीयूजेबल थीम में मौके तलाशने की सलाह होगी। केमिकल स्पेस में चीन का काफी असर है। प्राइमरी मार्केट में काफी समय से बबल है। प्राइमरी मार्केट में लोगों की हिस्सेदारी काफी बढ़ी है। टाटा मोटर्स पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि आगे कर्ज घटाने और JLR में स्थिरता पर कंपनी का फोकस संभव है। पैसेंजर व्हीकल कारोबार के अलग होने से तेजी बढ़ेगी।
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