Budget 2024 : बजट से पहले और बजट के बाद भी अगले कुछ महीने रहें सर्तक, बाजार में वैल्युएशन बहुत महंगा

Budget expectations : पकंज ने कहा कि पिछले दो-ढ़ाई साल में बाजार में काफी ज्यादा तेजी आई है। कहीं न कहीं हमें ये फील हो रहा है कि हर पोर्टफोलियो में रिस्क को नजरअंदाज किया जा रहा है। बाजार में वैल्युएशन बहुत महंगा हो गया है। मार्केट कैप टू जीडीपी 2007 के स्तर पर पहुंच गया है

अपडेटेड Jul 13, 2024 पर 4:18 PM
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पंकज की राय है कि आईटी सेक्टर में डिमांड सुधरने लगी है। इस समय ये सेक्टर निवेश के जरिए से सुरक्षित नजर आ रहा है। आईटी सेक्टर में वैल्यूएशन महंगे नहीं हैं

Budget picks : यहां से आगे मार्केट की रणनीति क्या होगी। बड़े पैमाने पर अगर आप देखें तो बजट तक और बजट के बाद बाजार में क्या रणनीति होनी चाहिए इस पर बात करने के लिए सीएनबीसी-आवाज के साथ जुड़े जाने माने फंड मैनेजर इकीगाइ असेट मैनेजर (IKIGAI Asset Manager) के फाउंडर & CIO पंकज टिबरेवाल। पकंज का कहना है कि अगर निवेश का नजरिया लंबा हो तो निवेकों के लिए बाजार के पास हर समय कुछ न कुछ होता है। लेकिन इस समय हमें बाजार में रिस्क मैनेजर ज्यादा और फंड मैनेजर कम होना चाहिए।

पकंज ने आगे कहा कि पिछले दो-ढ़ाई साल में बाजार में काफी ज्यादा तेजी आई है। कहीं न कहीं हमें ये फील हो रहा है कि हर पोर्टफोलियो में रिस्क को नजरअंदाज किया जा रहा है। बाजार में वैल्युएशन बहुत महंगा हो गया है। मार्केट कैप टू जीडीपी 2007 के स्तर पर पहुंच गया है। बाजार में खास कर मिड और स्मॉलकैप शेयरों में कई पॉकेट्स में बबल जोन बन गया है। यहां अब गल्तियां होने की संभावनाएं बहुत ज्यादा हैं। ऐसे में अगले 12-18 महीने बाजार में हमें बहुत सतर्क रह कर कारोबार करना होगा।

इस तिमाही और अगली तिमाही के नतीजों में थोड़ी नरमी रहने की उम्मीद


पंकज का मानना है कि इस तिमाही और अगली तिमाही के नतीजों में थोड़ी नरमी रह सकती है। पिछले साल एनएसई 500 कंपनियों के मुनाफे में करीब 30 फीसदी की बढ़त देखने को मिली थी। लेकिन ऐसा लगता है कि इस साल इन कंपनियों का मुनाफा 13-15 फीसदी के बीच रह सकता है, और जब ये नंबर होगा तो बाजार के इस वैल्यूशनों को टिके रहने में परेशानी होगी। ऐसे में अगले कुछ महीने उन सेक्टरों और जोन को लेकर सतर्क रहना चाहिए जहां बबल नजर आ रहे हैं।

महंगे वैल्यूएशन वाले सेक्टरों की बात करते हुए पंकज ने कहा कि कैपिटल गुड्स स्टॉक मेक इन इंडिया और इंफ्रा पर फोकस के दम पर अब तक काफी भाग चुके हैं। इनको लेकर वास्तविकता से ज्यादा उम्मीदें दिख रही हैं। अब इस सेक्टर को लेकर थोड़ा सतर्क रहना चाहिए।

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बुनियादी रूप से कमजोर कंपनियों से रहें दूर

पंकज ने कहा कई कंपनियों में हमें ये देखने को मिल रहा है कि उनका मार्केट कैप तो 20 से 30 हजार करोड़ रुपए है लेकिन वो कंपनियां पिछले 5 साल से कैश फ्लो नहीं बना रही हैं। लेकिन सच्चाई यही है कि कैश फ्लो ही किसी कंपनी के लिए असली सच्चाई होती है। अगर किसी कंपनी के पास कैश फ्लो नहीं है और खाली मुनाफा बढ़ता दिखे तो ये एकाउंटिंग प्रॉफिट है। फाइनली कहीं न कहीं उस कंपनी में प्रॉब्लम आएगी।

अभी ये देखने को मिल रहा है कि बहुत सारे निवेश इन्वेस्टिंग के इन मूलभूत नियमों की उपेक्षा कर रहे हैं और नैरेटिव्स और मिथ्स की तरफ बहते दिख रहे हैं। इस बात को लेकर सर्तक रहना चाहिए क्योंकि अगर कैश फ्लो नहीं है तो कंपनियों के ग्रोथ में मुश्किल आएगी। ऐसे में निवेशकों से अपील है कि वे नैरेटिव्स और मिथ्स को छोड़ कर इन्वेस्टिंग के बेसिक नियमों का पालन करें। ऐसे करने पर निवेश की आगे की यात्रा ठीक रहेगी। अगर आप इसमें गलती करते हैं तो कहीं-न-कहीं आपको इसकी भरपाई करनी होगी।

प्राइवेट सेक्टर के बैंकों में निवेश के मौके

पंकज का ये भी कहना है कि बैंकिंग शेयरों का वैल्यूएशन अभी बहुत महंगा नहीं है। बैंक निफ्टी के वैल्युएशन बेहतर हैं। आने वाले समय में बैंकिंग और फाइनेंशियल कंपनियां बाजार के दूसरे सेक्टरों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन कर सकती है। ऐसे में खास कर प्राइवेट सेक्टर के बैंकों में निवेश करने की सलाह होगी। रियल एस्टेट और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों पर भी पंकज का नजरिया पॉजिटिव है। रियल एस्टेट में अगले 4-5 साल तक तेजी देखने को मिलेगी।

ऑटो एंसिलरी सेक्टर ऑटो की तुलना में ज्यादा बेहतर

पंकज की राय है कि आईटी सेक्टर में डिमांड सुधरने लगी है। इस समय ये सेक्टर निवेश के जरिए से सुरक्षित नजर आ रहा है। आईटी सेक्टर में वैल्यूएशन महंगे नहीं हैं। पंकज ऑटो सेक्टर को लेकर भी बुलिश हैं। इस सेक्टर में उन्हें टू-व्हीलर और ट्रैक्टर सेगमेंट में ज्यादा संभावनाएं दिख रही हैं। ऑटो एंसिलरी सेक्टर ऑटो की तुलना में ज्यादा बेहतर नजर आ रहा है। हॉस्पिटल स्टॉक भी लंबी अवधि के नजरिए अच्छे लग रहे हैं।

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