लाल सितंबर, 22 में सिर्फ 8 दिन Nifty ग्रीन, 4 वजहों से महीने के आखिरी दिन डे-हाई से 696 प्वाइंट्स टूटा Sensex

Share Market Recovery Reversed: इस महीने के आखिरी दिन आज 30 सितंबर को सेंसेक्स और निफ्टी की पूरी रिकवरी पलट गई और दिन के आखिरी में ये लाल बंद हुए। फार्मा और मेटल स्टॉक्स की कमजोरी ने रिकवरी की सारी कोशिशें फेल कर दी। जानिए मार्केट में गिरावट की चार मुख्य वजह

अपडेटेड Sep 30, 2026 पर 4:24 PM
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एक कारोबारी दिन पहले 29 सितंबर को निफ्टी और बैंक निफ्टी एक्सपायरी के दिन सेंसेक्स (Sensex) 242.65 प्वाइंट्स यानी 0.33% की गिरावट के साथ 72,529.07 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 64.05 प्वाइंट्स यानी 0.28% की फिसलन के साथ 22,716.20 पर बंद हुआ था।

Share Market Recovery Reversed: इस महीने के आखिरी दिन 30 सितंबर को सेंसेक्स और निफ्टी ने रिकवरी की काफी कोशिश की और अच्छी बढ़त भी हासिल की लेकिन फिर ये टूटकर रेड जोन में बंद हुए। इसके साथ ही लगातार दूसरे महीने यह लाल बंद हुआ। इस महीने निफ्टी 6% कमजोर हुआ और पिछले महीने भी यह 1% से अधिक टूटा था। इस महीने के 21 कारोबारी दिनों में आठ ही दिन सेंसेक्स और निफ्टी ग्रीन रहे। आज की बात करें तो सेंसेक्स डे-हाई से 696 प्वाइंट्स टूट गया तो निफ्टी भी फिसलकर इंट्रा-डे में 23600 के नीचे तक आ गया। हालांकि ब्रोडर लेवल पर थोड़ी रौनक बनी रही और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 ग्रीन जोन में बंद हुए।

अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स की बात करें आज 30 सितंबर को सेंसेक्स (Sensex) 48.78 प्वाइंट्स यानी 0.07% की गिरावट के साथ 72,480.29 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 95.75 प्वाइंट्स यानी 0.42% की फिसलन के साथ 22,620.45 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 533.16 प्वाइंट्स चढ़कर 73,062.23 तक गया था, जिससे फिर यह 695.79 प्वाइंट्स गिरकर 72,366.44 तक आ गया तो दूसरी तरफ निफ्टी 93.15 प्वाइंट्स मजबूत होकर 22,809.35 तक पहुंचा और फिर 214.15 प्वाइंट्स गिरकर 22,595.20 तक आ गया।

Sensex-Nifty Recovery: ये है वजह

कच्चे तेल की तेजी


अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम पर रियायत के बदले ईरान पर लगी पाबंदियां कम करने और फ्रीज किए गए फंड को जारी करने की योजना से इनकार कर दिया। इसके चलते कच्चे तेल के भाव मजबूत बने रहे। ब्रेंट क्रूड का नवंबर फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट प्रति बैरल $103के पार हैं।

FIIs की बिकवाली

एक कारोबारी दिन पहले 29 सितंबर को विदेशी निवेशकों ने लगातार चौथे दिन ताबड़तोड़ भारतीय स्टॉक मार्केट में बिकवाली की, जिसका दबाव आज दिखा। इन चार दिनों में विदेशी निवेशकों ने ₹24,054.73 करोड़ के नेट शेयर बेचे, जिसमें ₹9,980.22 करोड़ की नेट बिक्री 29 सितंबर की है।

फार्मा-मेटल स्टॉक्स ने मार्केट खींच लिया नीचे

सेक्टरलाइज बैंकिंग और रियल्टी सेक्टर आखिरी तक दमदार बने रहे। इनके निफ्टी इंडेक्स करीब 1% या 1% से अधिक मजबूत हुए हैं। फार्मा और मेटल शेयरों ने मार्केट को नीचे खींच लिया और इसमें एफएमसीजी सेक्टर ने भी साथ दिया। निफ्टी फार्मा और निफ्टी मेटल करीब डेढ़-डेढ़ फीसदी कमजोर हुए हैं तो निफ्टी एफएमसीजी में आधे फीसदी से अधिक की गिरावट आई।

तकनीकी वजह

एनालिस्ट्स के मुताबिक निफ्टी के 22,650 के नीचे आने पर बेयरेश सेंटिमेंट और 22,750 के ऊपर जाने पर बुलिश सेंटिमेंट दिख सकता है।

कोटक सिक्योरिटीज के इक्विटी रिसर्च हेड श्रीकांत चौहान का कहना है कि मार्केट का शॉर्ट-टर्म रुझान कमजोर बना हुआ है लेकिन पुलबैक रैली की भी संभावना बनी हुई है। श्रीकांत के मुताबिक डे-ट्रेडर्स के लिए 22,600/72,200 एक अहम सपोर्ट जोन बना हुआ है। इस लेवल के ऊपर बने रहने से निफ्टी 22,850–23,000 और सेंसेक्स 73,000–73,500 की तरफ बढ़ सकता है। हालांकि अगर सपोर्ट जोन टूटा तो बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है और इंडेक्स 22,500–22,300/72,000–71,400 की तरफ खिसक सकते हैं। इसका मतलब हुआ कि मार्केट में उठा-पटक की संभावना बनी हुई है।

बजाज ब्रोकिंग के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट (रिसर्च) पबित्रो मुखर्जी का कहना है कि मार्केट की कमजोरी बनी रहती है तो यह 22,400 के अहम सपोर्ट एरिया की तरफ फिसल सकता है। यह एरिया पिछले दो वर्षों के अहम निचले स्तरों को जोड़ने वाली ट्रेंडलाइन सपोर्ट और 200-हफ्ते के EMA को जोड़ने वाला प्वाइंट है। उनका कहना है कि 22,830 के ऊपर जाने पर 23,000 के लेवल की तरफ पुलबैक का संकेत मिलेगा। हालांकि इसके लिए जरूरी होगा कि निफ्टी लगातार हायर हाई-हायर लो स्ट्रक्चर बनाना होगा और 23,000-23,100 का लेवल फिर से हासिल करना होगा। अगर यह 23,100 के ऊपर लगातार बना रहा तो गिरावट थमने का संकेत मिल सकता है। उनका कहना है कि डेली स्टॉकेस्टिक 13 पर आ गया है जोकि ओवरसोल्ड टेरिटरी में है यानी कि तेज रिकवरी की सभावना बनी हुई है।

चॉइस ब्रोकिंग प्राइवेट लिमिटेड के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट हितेश टेलर का कहना है कि हालिया गिरावट के बाद अहम टेक्निकल लेवल पर खरीदारी के दम पर सेंसेक्स और निफ्टी ऊपर आ सकता है। हालांकि FIIs यानी विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली चिंता की बात बनी हुई है और इससे रिकवरी सीमित हो सकती है। निफ्टी और बैंक निफ्टी के अहम सपोर्ट जोन के करीब होने के कारण इंट्रा-डे प्राइस एक्शन सतर्कता के साथ एक दायरे में रह सकता है।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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