2023 ने इनवेस्टर्स को खुश कर दिया। Sensex ने 18 फीसदी रिटर्न दिया, जबकि Nifty का रिटर्न 19 फीसदी से ज्यादा रहा। इनवेस्टर्स की नजरें अब 2024 पर है। क्या 2024 में मार्केट का प्रदर्शन ऐसा ही शानदार रहेगा? क्या बुल मार्केट 2024 में जारी रहेगा? मनीकंट्रोल ने इन सवालों के जवाब जानने की कोशिश की है। बुलिश थ्योरी मार्केट में तेजी जारी रहने का संकेत देती है। मार्केट में न सिर्फ अभी काफी दम है बल्कि 2024 में चीजें और बेहतर हो सकती हैं। फिर भी, इनवेस्टर्स को सावधान रहने की जरूरत है। खासकर तब जब 2023 में स्टॉक मार्केट्स ने अच्छी तेजी दिखाई है।
ग्लोबल इनवेस्टर्स काफी बड़ा निवेश करने वाले हैं
रिटेल इनवेस्टर्स मैच्योर हो गए हैं। संकट आने पर भी SIP के जरिए होने वाला निवेश जारी रहेगा
सावधानी : नए निवेशकों में से ज्यादातर ने बियर मार्केट नहीं देखा है। अक्टूबर 2021 में मार्केट थोड़े समय के लिए पीक पर पहुंच गया था। उसके बाद एक साल से ज्यादा समय तक सीमित दायरे में रहा था। तब म्यूचुअल फंड्स के कई निवेशकों का धैर्य खत्म होने लगा था।
2024 में लोकसभा चुनावों में BJP का जीतना पक्का है
सावधानी : चुनाव के नतीजों को समझना थोड़ा मुश्किल है। हालांकि, इस मामले में जीत का मार्जिन मायने रखता है। 2004 और 2009 के लोकसभा चुनावों के नतीजे अनुमान के उलट आए थे। 2004 के नतीजे निगेटिव और 2009 के नतीजे पॉजिटिव थे।
पॉलिसी जारी रहने से सेंटमेंट को मजबूती मिलेगी
सावधानी : यह सही है। लेकिन, हाल में राज्यों के विधानसभा चुनावों का नतीजों का जश्न बाजार मना चुका है। अब थोड़ी चिंता दिख रही है।
फेडरल रिजर्व अनुमान से पहले इंटरेस्ट रेट घटा सकता है। इससे उभरते बाजारों में निवेश बढ़ सकता है
सावधानी : अफवाहों पर खरीदें और खबरों पर बेचें। अमेरिका में इंटरेस्ट रेट में कमी करीब पक्का है। बाजार इसका काफी जश्न मना चुका है। कुछ इनवेस्टर्स इस सोच के साथ दांव लगा रहे हैं कि फेडरल रिजर्व के रेट घटाने पर मार्केट चढ़ेगा।
फेडरल रिजर्व के रेट घटाने के बाद RBI तुरंत रेट घटाएगा, जिससे डोमेस्टिक इनवेस्टमेंट और कंजम्प्शन बढ़ेगा
सावधानी : अचानक रेट में कमी का मार्केट्स पर ज्यादा असर पड़ता है। मार्ट 2015 में ऐसा देखा गया था जब RBI ने मॉनेटरी पॉलिसी की तय तारीख से पहले ही रेट घटा दिया था।
कंपनियों की कमाई की ग्रोथ अच्छी है और इसके आगे भी जारी रहने के आसार हैं
सावधानी : ज्यादातर मामलों में मार्केट ने ऐसी कंपनियों को इनाम दिया है, जिसका असर उनकी ज्यादा वैल्यूएशन में दिखा है। कमाई की ग्रोथ उम्मीद से कम रहने पर गिरावट का रिस्क काफी ज्यााद है।
वैल्यूएशंस के हाई बने रहने की उम्मीद है क्योंकि इंडिया दुनियाभर में इनवेस्टमेंट के लिए सबसे अट्रैक्टिव डेस्टिनेशन है
सावधानी : यह मुमकिन है। लेकिन, इससे मार्केट में नए निवेशकों की एंट्री पर असर पड़ सकता है, क्योंकि अच्छे से अच्छे बिजनेस की वैल्यूएशन भी एक सीमा से ऊपर नहीं जा सकती।