Zee Entertainment Shares: जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड (ZEEL) के शेयर आज धड़ाम हो गए। जून तिमाही के कारोबारी नतीजे सामने आने के बाद एनालिस्ट्स के मिले-जुले रुझान पर उलझन की ऐसी स्थिति बनी कि शेयर फिसल गया। इसे कवर करने वाले 15 एनालिस्ट्स में से एक सीएलएसए ने इसके शेयरों का टारगेट ₹125 फिक्स किया है तो दूसरी तरफ सिटी ने ₹80 फिक्स किया है। फिलहाल बीएसई पर यह 2.12% की गिरावट के साथ ₹92.45 पर है। इंट्रा-डे में यह 4.82% टूटकर ₹89.90 तक आ गया था। इसे कवर करने वाले 15 एनालिस्ट्स में से सात ने खरीदारी और छह ने सेल रेटिंग दी है।
क्या कहना है ब्रोकरेजेज का
सीएलएसए ने जी एंटरटेनमेंट को ₹125 के टारगेट प्राइस के साथ आउटपरफॉर्म रेटिंग दी है। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि कंपनी का पहली तिमाही का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर 5% बढ़कर ₹1,900 करोड़ पर पहुंच गया लेकिन यह अनुमान से कम रहा। विज्ञापनों से कंपनी का रेवेन्यू 11% कम हुआ है। FIFA 2026, ओटीटी और Zee5 के विस्तार की वजह से सब्सक्रिप्शन से कंपनी होने वाली कमाई जून तिमाही में सालाना आधार पर 16% और तिमाही आधार पर 11% बढ़ी है। ब्रोकरेज फर्म ने अपनी रिपोर्ट में जिक्र किया है कि FIFA से जुड़े प्रोग्रामिंग खर्च और स्पोर्ट्स चैनल लॉन्च करने के कारण A&P (ऐड एंड प्रमोशन) पर अधिक खर्च होने से कंपनी के मार्जिन में भारी गिरावट आई।
ब्रोकरेज फर्म सिटी ने जी एंटरटेनमेंट को सेल रेटिंग दी है और टारगेट प्राइस ₹80 फिक्स किया है। ब्रोकरेज फर्म ने जिक्र किया है कि जून तिमाही में रेवेन्यू में बढ़ोतरी को 16% की मजबूत सब्सक्रिप्शन ग्रोथ और डिजिटल में लगातार तेजी यानी Zee5 के रेवेन्यू में 58% की बढ़ोतरी से सपोर्ट मिला लेकिन विज्ञापन से होने वाली कमाई में गिरावट एक बड़ी चिंता बनी रही क्योंकि मैक्रो-इकनॉमिक कमजोरी के बीच इसमें 11% की कमी आई। मैनेजमेंट ने जून में बेहतर होते ट्रेंड्स पर जोर दिया और फेस्टिव सीजन को लेकर पॉजिटिव है, लेकिन ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि मार्जिन में अच्छी बढ़ोतरी के लिए विज्ञापन से होने वाली कमाई में लगातार सुधार जरूरी है।
ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि फीफा (FIFA) और फुटबॉल से जुड़ी अन्य प्रॉपर्टीज के जरिए स्पोर्ट्स में वापसी रणनीतिक रूप से फायदेमंद हो सकती है, क्योंकि इससे सब्सक्राइबर बढ़ाने, व्यूअरशिप बढ़ाने और ऐड देने वालों की भागीदारी बढ़ाने में मदद मिली है लेकिन सिटी के मुताबिक इन निवेशों से कितना मुनाफा होगा और इन्हें कितना बढ़ाया जा सकेगा, यह देखना अभी बाकी है। नेटवर्क शेयर में सुधार और Zee5 के लिए एक और मुनाफे वाली तिमाही के बावजूद कंटेंट और मार्केटिंग पर अधिक निवेश के कारण इसका कंसोलिडेटेड EBITDA मार्जिन घटकर 4.1% रह गया।
घरेलू ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने ₹100 के टारगेट प्राइस के साथ जी एंटरटेनमेंट को न्यूट्रल रेटिंग दी है। ब्रोकरेज फर्म का कगना है कि कंपनी के लिए एक और तिमाही सुस्त रही और सब्सक्रिप्शन रेवेन्यू में 16% की अच्छी बढ़ोतरी के बावजूद विज्ञापनों से होने वाली कमाई सालाना आधार पर 11.5% घट गई और EBITDA में 65% की गिरावट आई। हालांकि जून तिमाही में Zee5 का एडजस्टेड ईबीआईटीडीए लगातार तीसरी तिमाही पॉजिटिव रहा तो रेवेन्यू में 58% की बढ़ोतरी हुई। लीनियर टीवी के मुनाफे में लगातार गिरावट ने Zee5 के बेहतर परफॉरमेंस की चमक को कुछ कम कर दिया।
मोतीलाल ओसवाल के मुताबिक मैनेजमेंट को विज्ञापनों से होने वाली कमाई में सुधार को लेकर उम्मीद तो है लेकिन सतर्कता भी बरते हुए है। इसे आने वाले फेस्टिव सीजन से पहले बेहतर होते मैक्रो-इकनॉमिक हालात और स्पोर्ट्स में वापसी के साथ-साथ बच्चों के एंटरटेनमेंट और माइक्रो-ड्रामा जैसे फील्ड में एंट्री से उम्मीद है। ब्रोकरेज पर्म का कहना है कि FIFA सब्सक्रिप्शन पैक और उससे जुड़े कंटेंट की लागत का पूरा असर दूसरी तिमाही में दिखेगा। विज्ञापन के कमजोर माहौल और कंटेंट में अधिक निवेश के कारण ब्रोकरेज फर्म ने जी एंटरटेनमेंट के FY27 की कमाई के अनुमान में 24% और FY28 के अनुमान में 14% की कटौती की है।
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