आज 140 डॉलर में मिल रहा कच्चे तेल का एक बैरल, फिर फ्यूचर्स मार्केट क्यों दिखा रहा अलग आंकड़ा? जानिए

S&P ग्लोबल के मुताबिक, ब्रेंट क्रूड का स्पॉट प्राइस (यानी तुरंत डिलीवरी वाला तेल) $141.36 प्रति बैरल तक पहुंच गया है। वहीं जून में डिलीवरी वाले ब्रेंट फ्यूचर्स का भाव $109.03 प्रति बैरल चल रहा है। यानी क्रूड ऑयल की स्पॉट और फ्यूचर्स की कीमतों के बीच करीब 32 डॉलर का अंतर है

अपडेटेड Apr 03, 2026 पर 2:10 PM
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Crude Oil: दुनिया की करीब 20 प्रतिशत क्रूड सप्लाई इसी होर्मुज समुद्री मार्ग से होकर गुजरती है

ईरान-इजराइल के बीच जारी जंग और होर्मुज समुद्री मार्ग के बाधित होने के चलते क्रूड ऑयल की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव बना हुआ है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, जिन खरीदारों को तुरंत कच्चे तेल की जरूरत है, उन्हें 140 डॉलर प्रति बैरल से भी ज्यादा कीमत चुकानी पड़ रही है। ऐसा 2008 के ग्लोबल आर्थिक संकट के बाद पहली बार देखा जा रहा है।

स्पॉट और फ्यूचर्स की कीमतों में बड़ा अंतर

S&P ग्लोबल के मुताबिक, ब्रेंट क्रूड का स्पॉट प्राइस (यानी तुरंत डिलीवरी वाला तेल) $141.36 प्रति बैरल तक पहुंच गया है। वहीं जून में डिलीवरी वाले ब्रेंट फ्यूचर्स का भाव $109.03 प्रति बैरल चल रहा है। यानी क्रूड ऑयल की स्पॉट और फ्यूचर्स की कीमतों के बीच करीब 32 डॉलर का अंतर है। यह अंतर इस बात का संकेत है कि बाजार में तुरंत उपलब्ध तेल की भारी कमी है।

क्यों महंगा हो गया “तुरंत मिलने वाला” तेल


स्पॉट प्राइस उस तेल की कीमत को दिखाती है, जिसकी डिलीवरी अगले 10 से 30 दिनों के भीतर होनी है। होर्मुज समुद्री मार्ग के बाधित होने के चलते क्रूड ऑयल की सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हुई है। दुनिया की करीब 20 प्रतिशत क्रूड सप्लाई इसी समुद्री रास्ते से होकर गुजरती है। इसके चलते दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में से एक बन जाता है।

ईरान ने जंग शुरू होने के बाद से ही होर्मुज समुद्री मार्ग पर पहरा बैठा दिया है, जिसके चलते इस रास्ते से जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है। इससे पूरी दुनिया में क्रूड की फिजिकल सप्लाई घट गई है। यही वजह है कि तुरंत उपलब्ध तेल की कीमत आसमान छू रही है।

एक्सपर्ट बोले- फ्यूचर्स दे रहे गलत तस्वीर

एनर्जी एस्पेक्ट्स की फाउंडर अमृता सेन ने CNBC इंटरनेशनल से बातचीत में कहा कि फ्यूचर्स मार्केट मौजूदा हालात की गंभीरता को पूरी तरह नहीं दिखा रहा है। उन्होंने कहा, “फाइनेंशियल मार्केट यह दिखा रहा है कि स्थिति इतनी खराब नहीं है, लेकिन वास्तविकता में सप्लाई बेहद टाइट है।”

उन्होंने यह भी बताया कि यूरोप में डीजल की कीमत लगभग 200 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है, जो इस संकट की गंभीरता को दिखाता है।

बड़ी कंपनियों ने भी जताई चिंता

दिग्गज फॉसिल फ्यूल कंपनी शेवरॉन (Chevron) ने के CEO माइक वर्थ ने भी चेतावनी दी है कि फ्यूचर्स प्राइस, होर्मुज समुद्री मार्ग के बंद होने से आई असली सप्लाई संकट को सही तरीके से नहीं दिखा रहे। उन्होंने कहा कि बाजार अभी “परसेप्शन” और सीमित जानकारी के आधार पर काम कर रहा है, जबकि होर्मुज के बंद होने के असर धीरे-धीरे पूरी दुनिया में फैल रहा है।

तेल कीमतों में तेज उछाल जारी

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को अपने बयान में ईरान पर हमले तेज करने का संकेत दिए। इससे ग्लोबल बाजारों में घबराहट और बढ़ गई। इसका असर यह हुआ कि अमेरिकी क्रूड ऑयल (WTI) का भाव एक ही दिन में 11% से ज्यादा उछलकर $111.54 प्रति बैरल पहुंच गया, जो 2020 के बाद की सबसे बड़ी तेजी है। ब्रेंट क्रूड का भाव भी करीब 8% बढ़कर $109.03 प्रति बैरल तक चला गया था।

क्या आगे और बढ़ेंगी कीमतें?

एक्सपर्ट्स का मानना है कि जब तक होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह नहीं खुलता और सप्लाई सामान्य नहीं होती, तब तक स्पॉट मार्केट में कीमतें ऊंची बनी रह सकती हैं। साथ ही, अगर युद्ध और लंबा खिंचता है, तो फ्यूचर्स कीमतें भी धीरे-धीरे इस वास्तविकता को दिखाने लगेंगी।

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