Campus Activewear IPO: सभी की नजरें लिस्टिंग के दिन पर टिकीं, आइए जानते है GMP से कैसे मिल रहे है संकेत

बाजार जानकारों के मुताबिक ग्रे मार्केट में Campus Activewear का आईपीओ का GMP 60 रुपये है जो कि कल शाम के 45 रुपये के इसके GMP से 15 रुपये ज्यादा है.

अपडेटेड May 07, 2022 पर 1:36 PM
Campus Activewear के शेयरों पर ग्रे मार्केट का बुलिश सेटीमेंट इस स्टॉक के मजबूत लिस्टिंग की और संकेत कर रहा है।

Campus Activewear IPO: शेयर आवंटन के ऐलान के बाद अब बाजार जानकारों और भागीदारों की नजरें उत्सुकता से Campus Activewear आईपीओ के लिस्टिंग डेट पर लगी हुई है। बीएसई की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के मुताबिक Campus Activewear आईपीओ की लिस्टिंग डेट पक्की हो गई है। बीएसई और एनएसई पर इस स्टॉक की लिस्टिंग अगले हफ्ते सोमवार 9 मई 2022 को होगी। इस आईपीओ में सफल रहे बिडर्स अब इस बात का अंदाजा लगाने में जुटे हुए है कि इस स्टॉक की लिस्टिंग कितने प्रीमियम पर हो सकती है। इसका अंदाजा लगाने के लिए ग्रे मार्केट एक बड़ा तरीका माना जाता है।

ग्रे मार्केट 1400 करोड़ रुपये के इस पब्लिक इश्यू के पॉजिटिव लिस्टिंग की और संकेत कर रहा है। बाजार जानकारों के मुताबिक आज ग्रे मार्केट में Campus Activewear के शेयर 60 रुपये प्रीमियम पर मिल रहे है।

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बाजार जानकारों के मुताबिक ग्रे मार्केट में Campus Activewear का आईपीओ का GMP 60 रुपये है जो कि कल शाम के 45 रुपये के इसके GMP से 15 रुपये ज्यादा है। बाजार जानकारों का कहना है कि सेकेंडरी मार्केट में भारी बिकवाली के बावजूद ग्रे मार्केट Campus Activewear के शेयरों पर इस पूरे हफ्ते बुलिश रहा है। हालांकि ग्रे मार्केट में इस स्टॉक का प्रीमियम 92 रुपये से घटकर 60 रुपये पर आ गया है। इसके बावजूद बाजार जानकारों का कहना है कि Campus Activewear के शेयरों पर ग्रे मार्केट का बुलिश सेटीमेंट इस स्टॉक के मजबूत लिस्टिंग की और संकेत कर रहा है।

क्या है GMP का मतलब

एनालिस्टों का कहना है कि ग्रे मार्केट प्रीमियम का मतलब इश्यू प्राइस के मुकाबले शेयरों की लिस्टिंग काफी ऊपर हो सकती है। जैसा कि कैंपस एक्टिववियर आईपीओ जीएमपी 60 रुपये प्रीमियम पर है। इसका मतलब है कि ग्रे मार्केट कैंपस एक्टिववियर आईपीओ को ₹352 (₹292 + ₹60) के आसपास लिस्ट होने की उम्मीद कर रहा है। जो कि इसके प्राइस बैंड से 278-292 रुपये से करीब 20 फीसदी ऊपर है। हालांकि, शेयर बाजार के विशेषज्ञों का कहना है कि जीएमपी अनऑफिशियल डेटा है और इसका कंपनी के फाइनेंशियल्स से कोई लेना-देना नहीं है। इस पर आंख मूंदकर भरोसा नहीं किया जा सकता है। इसलिए, निवेशकों को कंपनी की बैलेंस शीट को देखना चाहिए जो कि ठोस तस्वीर पेश करती है।

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