Castrol India में 65% हिस्सेदारी इसे बेचने को BP राजी, 9% उछल पड़े शेयर

Castrol India Share Price: कैस्ट्रॉल इंडिया में बीपी अपनी 65% मेजॉरिटी हिस्सेदारी बेचने पर राजी हो गई है। इसका असर कंपनी के शेयरों पर तगड़ा दिखा और यह रॉकेट बन गया। जानिए कि कैस्ट्रॉल इंडिया की मेजॉरिटी हिस्सेदारी आखिर ले कौन रहा है जिसके चलते निवेशक चहक उठे और सौदा कब तक पूरा हो सकता है?

अपडेटेड Dec 24, 2025 पर 4:03 PM
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कैस्ट्रॉल इंडिया में बीपी अपनी 65% हिस्सेदारी यानी मेजॉरिटी होल्डिंग प्राइवेट इक्विटी फर्म स्टोनपीक (Stonepeak) को बेचने पर राजी हुई है।

Castrol India Share Price: कैस्ट्रॉल इंडिया के शेयरों में आज करीब 9% की जोरदार तेजी आई। यह तेजी बीपी (BP) की एक सहमति के चलते आई जिसके तहत यह कैस्ट्रॉल में अपनी मेजॉरिटी हिस्सेदारी बेचने पर राजी हुई है। रेगुलेटर्स की मंजूरी के साथ ही इस सौदे के अगले साल 2026 के आखिरी तक पूरा होने की उम्मीद है। बीपी के राजी होने पर निवेशक चहक उठे और शेयर रॉकेट बन गए। इस तेजी का कुछ निवेशकों ने फायदा उठाया जिससे इसके भाव नरम पड़े लेकिन अब भी यह काफी मजबूत स्थिति में है। आज बीएसई पर यह 1.99% की बढ़त के साथ ₹189.60 के भाव पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में यह 8.93% उछलकर ₹202.50 तक पहुंच गया था।

Castrol India में किस वैल्यू पर हिस्सेदारी बेच रही BP?

कैस्ट्रॉल इंडिया में बीपी अपनी 65% हिस्सेदारी यानी मेजॉरिटी होल्डिंग प्राइवेट इक्विटी फर्म स्टोनपीक (Stonepeak) को बेचने पर राजी हुई है। यह बिक्री करीब $1000 करोड़ के एंटरप्राइज वैल्यू पर होगी। बीपी का कहना है कि कैस्ट्रॉल में 65% हिस्सेदारी की बिक्री से इसे करीब $600 करोड़ की नेट इनकम हासिल होगी। इसमें डिविडेंड पेमेंट भी शामिल है। इस पैसे का इस्तेमाल शुद्ध कर्ज के बोझ को हल्का करने में होगा। यह सौदा कैस्ट्रोल के स्ट्रैटेजिक रिव्यू के बाद हुआ है और इस सौदे में कंपनी की एंटरप्राइज वैल्यू $1010 करोड़ डॉलर आंकी गई है, जिसका मतलब है कि EV/LTM EBITDA मल्टीपल लगभग 8.6 गुना है। बीपी का कहना है कि इस सौदे से उसकी बैलेंस शीट मजबूत होगी, पोर्टफोलियो आसान होगा और डाउनस्ट्रीम ऑपरेशंस पर फोकस से स्ट्रैटेजी को सपोर्ट मिलेगा।


यहां ध्यान दें कि बीएसई पर मौजूद शेयरहोल्डिंग पैटर्न के हिसाब से सितंबर तिमाही के आखिरी में कैस्ट्रोल की अपनी भारतीय एंटिटी में 51% हिस्सेदारी थी। बाकी शेयरहोल्डर्स की बात करें कैस्ट्रॉल इंडिया में एलआईसी की हिस्सेदारी 10.05 थी। सिंगापुर सरकार के पास भी इसकी 1.33% होल्डिंग है। वहीं ₹2 लाख तक के निवेश वाले यानी 16,42,11,681 खुदरा निवेशकों की हिस्सेदारी 16.60% थी। इसमें 31 म्यूचु्अल फंड्स की 2.76% और 19 बीमा कंपनियों की 12.19% हिस्सेदारी थी।

एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल?

कैस्ट्रॉल इंडिया के शेयर 28 जनवरी 2025 को ₹162.80 पर थे जो इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है। इस निचले स्तर से यह दो ही महीने में 54.79% उछलकर 6 मार्च 2025 को ₹252 पर पहुंच गया जो इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। अब आगे की बात करें तो इंडमनी पर मौजूद डिटेल्स के मुताबिक इसे कवर करने वाले 6 एनालिस्ट्स में से 4 ने इसे खरीदारी और 2 ने होल्ड रेटिंग दी है। इसका हाइएस्ट टारगेट प्राइस ₹260 और लोएस्ट टारगेट प्राइस ₹211 है।

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