सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया लिमिटेड में सरकार अपनी हिस्सेदारी कम कर रही है। इसके लिए ऑफर फॉर सेल (OFS) शुक्रवार, 22 मई को खुला था। लेकिन उस दिन केवल नॉन रिटेल इनवेस्टर ही बोली लगा सकते थे। रिटेल इनवेस्टर आज, 25 मई को बोली लगा सकेंगे। 22 मई को सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के शेयरों में लगभग 8 प्रतिशत तक की गिरावट आई थी। BSE पर शेयर 31.23 रुपये के लो तक गया। बाद में 31.30 रुपये पर सेटल हुआ।
OFS को संस्थागत निवेशकों से शुक्रवार को 2,380 करोड़ रुपये से अधिक की बोलियां मिलीं। उनके लिए रिजर्व कोटा लगभग 2.36 गुना सब्सक्राइब हुआ। संस्थागत निवेशकों ने शुक्रवार को कारोबार बंद होने तक 76.86 करोड़ से अधिक शेयरों के लिए बोली लगाई, जबकि पेशकश 32.58 करोड़ शेयरों की थी। OFS में बोली लगाने के लिए फ्लोर प्राइस 31 रुपये प्रति शेयर है।
केंद्र सरकार ने OFS के जरिए बैंक में अपनी 4 प्रतिशत इक्विटी बेचने का फैसला किया था। साथ ही 'ग्रीन शू विकल्प' के जरिए और 4 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने का भी विकल्प रखा था। निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) के सचिव अरुणिश चावला का कहना है कि नॉन रिटेल इनवेस्टर्स से मिली अच्छी प्रतिक्रिया को देखते हुए सरकार ने ग्रीनशू विकल्प का इस्तेमाल करके 8 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने का फैसला किया है।
अगर डिमांड ज्यादा होती है तो ग्रीन शू ऑप्शन के तहत और ज्यादा शेयरों को बिक्री के लिए रखने का अधिकार होता है। अगर 8 प्रतिशत हिस्सेदारी के लिए OFS फुली सब्सक्राइब होता है, तो इस बिक्री से सरकार को 2,456 करोड़ रुपये मिलेंगे।
OFS में कैसे लगा सकते हैं बोली
- ट्रेडिंग अकाउंट ओपन करें और 'कॉरपोरेट एक्शन' या 'OFS; सेक्शन में जाएं।
- फ्लोर प्राइस, बिड क्वांटिटी, प्राइस और अन्य चीजें चेक करें। याद रहे कि आपका बिड प्राइस, OFS के फ्लोर प्राइस से ज्यादा होना चाहिए। नहीं तो बोली रिजेक्ट हो जाएगी।
अगर बोली स्वीकार यानि एक्सेप्ट कर ली जाती है, तो एक्सेप्ट किए गए शेयर T+1 दिनों के अंदर आपके डीमैट खाते में जमा कर दिए जाएंगे। अगर बोली रिजेक्ट होती है तो आपके पैसे वापस कर दिए जाएंगे।
Central Bank of India में सरकार की कितनी हिस्सेदारी
शेयर बाजारों पर उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2026 तिमाही के अंत में केंद्र सरकार के पास सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में 89.27 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। पब्लिक शेयरहोल्डर्स के पास बैंक में 10.73 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। इनमें से रिटेल इनवेस्टर्स यानि कि जिनकी अधिकृत शेयर पूंजी 2 लाख करोड़ रुपये तक है, के पास 3.42 प्रतिशत तक हिस्सेदारी थी। मिनिमम पब्लिक शेयरहोल्डिंग मानदंडों (MPS) का पालन करने के लिए सरकार को सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में और 14.27 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचनी होगी। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का शेयर BSE 500 इंडेक्स का हिस्सा है। 2 साल में शेयर की कीमत घटकर आधी हो चुकी है।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।