इनवेस्टमेंट की दुनिया को Charlie Munger के निधन से बड़ा धक्का लगा है। अमेरिका से लेकर इंडिया तक बड़ी संख्या में निवेशक मंगेर की बातों को बहुत ध्यान से सुनते थे। उन पर अमल करते थे। मंगेर को शेयरों में निवेश का व्यापक अनुभव था। वह 1978 में Warren Buffett की कंपनी Berkshire Hathaway से जुड़े। 28 नवंबर, 2023 को निधन तक वह इस कंपनी का नेतृत्व करते रहे। उन्हें इस काम में लगातार अपने करीबी दोस्त वॉरेन बफे का सहयोग मिलता रहा। दोनों ने मिलकर बर्कशायर हैथवे को 780 अरब डॉलर की कंपनी बना दी। यही वजह थी कि इनवेस्टर्स कम्युनिटी उनकी बातें बहुत गौर से सुनती थी।
निवेशक मंगेर से निवेश के टिप्स जानना चाहते थे। निवेशक यह समझना चाहते थे कि शेयरों से मोटी कमाई का मंत्र क्या है। हालांकि, मंगेर का भरोसा बफे की तरह शेयरों से फटाफट कमाई में नहीं था। शेयरों से पैसे कमाने की उनकी स्ट्रेटेजी में धैर्य, अनुशासन और चीजों को आसान बनाए रखने पर सबसे ज्यादा फोकस था।
मोटी कमाई के लिए सबसे जरूरी है धैर्य
निवेश में अनुशासन का पालन करें
एक बार अगर आपने निवेश कर दिया है तो उस पैसे को बढ़ने का मौका देना जरूरी है। किसी की सलाह या कहने पर निवेश की अपनी रणनीति में बदलाव करना ठीक नहीं है। आजकल शेयरों में निवेश की सलाह हर जगह मिल जाती है। आपको ऐसी सलाह पर ध्यान दिए बगैर अपनी निवेश रणनीति पर चलने के मामले में अनुशासन बनाए रखना होगा। बर्कशायर हैथवे को कई कंपनियों में निवेश पर लॉस उठाना पड़ा। लेकिन, उन्होंने निवेश में अपने कंजरवेटिव एप्रोच पर भरोसा बनाए रखा। आज बर्कशायर की जितनी वैल्यूएशन है, उसमें मंगेर के दशकों के अनुशासन का बड़ा हाथ है।
बर्कशायर हैथवे के वाइस-चेयरमैन का कहना था कि आपको निवेश में चीजों को आसान बनाए रखने की कोशिश करनी चाहिए। इसके लिए आपको सिर्फ उसी सेक्टर या कंपनी में निवेश करना चाहिए, जिसे आप ठीक तरह से समझते हैं। जो बिजनेस आपको समझ में नहीं आए उसमें निवेश से दूर रहना चाहिए। यही वजह है कि मंगेर ने बिटकॉइन सहित हमेशा क्रिप्टोकरेंसी में निवेश का विरोध किया। उन्होंने तो बिटकाइन पर अमेरिका में रोक लगाने तक की सलाह दी थी। उनका मानना था कि इसके रेगुलेशन के लिए कोई कानून नहीं है। इसलिए इसमें इनवेस्टमेंट बहुत रिस्की है।