रामदेव अग्रवाल ने Charlie Munger की कंपाउंडिंग स्ट्रेटेजी का मतलब बताया, कहा-बहुत कम लोग इस पर भरोसा करते हैं

वॉरेन बफे के बिजनेस पार्टनर और पुराने दोस्त Charlie Munger का 28 नवंबर को निधन हो गया। उनकी उम्र 99 साल थी। कई दशकों से मंगेर ने Berkshire Hathaway का बतौर वाइस-चेयरमैन नेतृत्व किया। उन्होंने बफे को उनका कारोबारी साम्राज्य बनाने में मदद की। रामदेव अग्रवाल ने कहा कि चार्ली मंगेर ने इनवेस्टमेंट की दुनिया पर गहरी छाप छोड़ी है

अपडेटेड Nov 29, 2023 पर 4:57 PM
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मंगेर ने 1978 में बतौर वाइस-चेयरमैन बर्कशायर हैथवे में काम शुरू किया था। उन्होंने इसे एक छोटी टेक्सटाइल कंपनी से बड़ी कंपनी बनाने में बड़ी भूमिका निभाई। अभी बर्कशायर हैथवे की वैल्यू 780 अरब डॉलर है।

बहुत कम लोग कंपाउंडिंग का असली मतलब समझते हैं। मोतीलाल ओसवाल के चेयरमैन रामदेव अग्रवाल ने यह बात कही। उन्होंने इसे वेल्थ बनाने की चार्ली मंगेर की सबसे अहम रणनीति बनाई। वॉरेन बफे के बिजनेस पार्टनर और पुराने दोस्त Charlie Munger का 28 नवंबर को निधन हो गया। उनकी उम्र 99 साल थी। कई दशकों तक मंगेर ने Berkshire Hathaway का बतौर वाइस-चेयरमैन नेतृत्व किया। उन्होंने बफे को उनका कारोबारी साम्राज्य बनाने में मदद की। सीएनबीसी-टीवी18 से बातचीत में अग्रवाल ने मंगेर के बारे में कई अहम बातें बताईं। उन्होंने बताया कि चार्ली मंगेर ने इनवेस्टमेंट की दुनिया पर गहरी छाप छोड़ी है। उन्होंने कहा कि मंगेर का एक मशहूर कोट था, "कंपाउंडिंग का पहला नियम यह है कि जब तक बहुत जरूरी न हो जाए इसमें कभी हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए।" कंपाउंडिंग मंगेर की लॉन्ग टर्म इनवेस्टमेंट स्ट्रेटेजी का अहम हिस्सा था।

वैल्यू इनवेस्टिंग का मतलब

अग्रवाल ने कहा कि इसका मतलब यह है कि पहले हाई क्वालिटी स्टॉक्स को खरीदें। फिर उसे लंबी अवधि तक अपने पास रखें। उसे कंपाउंडिंग के गेंस के साथ ग्रो करने का मौका दें। मंगेर लंबी अवधि के लिहाज से वैल्यू इनवेस्टिंग में भरोसा रखते थे। अग्रवाल ने कहा कि मंगेर ने वैल्यू इनवेस्टिंग के जरिए न सिर्फ कॉस्ट को कम बनाए रखा बल्कि कंपाउंड इंटरेस्ट की वजह से लंबी अवधि में रिटर्न को बढ़ने का मौका दिया। मंगेर कहा करते थे कि बिग मनी खरीदती या बेचती नहीं है बल्कि वह इंतजार करती है।


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लॉस के बावजूद कंजरवेटिव एप्रोच बनाए रखा

अग्रवाल के मुताबिक, मंगेर की इनवेस्टमेंट फिलासफी वैल्यू इनवेस्टिंग पर आधारित थी। वह स्टॉक्स को लंबी अवधि के फंडामेंटल्स के आधार पर खरीदते थे। FY20 की पहली तिमाही में 50 अरब डॉलर का लॉस उठाने के बावजूद उन्होंने कंजरवेटिव एप्रोच बनाए रखा। एग्रेसिव इनवेस्टमेंट की जगह उन्होंने लिक्विडिटी पर फोकस किया।

1978 में बर्कशायर हैथवे में काम शुरू किया था

मंगेर ने 1978 में बतौर वाइस-चेयरमैन बर्कशायर हैथवे में काम शुरू किया था। उन्होंने इसे एक छोटी टेक्सटाइल कंपनी से बड़ी कंपनी बनाने में बड़ी भूमिका निभाई। अभी बर्कशायर हैथवे की वैल्यू 780 अरब डॉलर है। चार्ली मंगेर की संपत्ति 2.6 अरब डॉलर होने का अनुमान है। उन्होंने अपनी ज्यादातर संपत्ति अपनी जिंदगी में ही डोनेट कर दिया था।

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