Cigarette Addiction : बाजार के उतार-चढ़ाव में तो हम अक्सर मंदी का रोना रोते हैं,लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपके पोर्टफोलियो का सबसे बड़ा दुश्मन कोई 'वॉर'या 'टैरिफ' नहीं,बल्कि आपकी एक छोटी सी लत है? जी हां,आज बात करेंगे सिगरेट के उस धुएं की,जो सिर्फ फेफड़े नहीं,आपकी तिजोरी भी जला रही है। सिगरेट की आग,आपके जेब पर कैसे लगा रही है दाग यह समझने के लिए आइए डालते हैं इन आंकड़ों पर एक नजर।
पिछले 21 साल में सिगरेट के एक पैकेट की कीमत 713 फीसदी बढ़ी है। साल 2005 में सिगरेट की जो पैकेट 59 रुपए में मिलती थी। वह, 2026 में 480 रुपए पर पहुंच गई है। 2005 में 59 रुपए में मिलने वाली 1 पैकेट सिगरेट 2010 में बढ़कर 96 रुपए और 2015 में 200 रुपए पर पहुंच गई। 2020 में इसका भाव बढ़कर 300 रुपए पर और 2026 में 480 रुपए पर आ गई। 21 साल में सिगरेट की महंगाई 185 फीसदी की दर से बढ़ कर 4 गुना हो गई है।
2026 के हिसाब से देखें तो अगर कोई रोजाना Marlboro Red या ITC Gold Flake Kings ब्रैंड के 10 सिगरेट पीता है तो साल में उसके 87600 रुपए साफ हो जाएंगे। वहीं, 1 महीने में 7200 रुपए खर्च हों जाएंगे। इसका मतलब है कि आम आदमी की कमाई का 35% हिस्सा धुंआ-धुंआ हो जाएगा। एक अनुमान के मुताबिक भारत में कुल स्मोकर्स 13 करोड़ हैं, ग्लोबल स्तर पर इनकी हिस्सेदारी 13 फीसदी है।
नफे-नुकसान के नजरिए से देखें तो अगर सिगरेट पर उड़ाए जाने वाले ये 87600 रुपए NIFTY SIP में लगाए गए होते तो सालाना 12 फीसदी रिटर्न के आधार पर इसकी वैल्यू 35-40 लाख रुपए हो जाती।
आप सिगरेट पिएंगे तो बीमार तो पड़ेंगे ही। इससे कैंसर जैसी बीमारी होती है,दमा,सांस लेने में दिक्कत,अल्सर आदि रोग होते हैं। अगर आपका 500 रुपए का हर माह का डॉक्टर का बिल मान लें तो साल छह हजार रुपए डाक्टर के पास गए। चालीस साल तक सिगरेट पीते रहेंगे तो डॉक्टर को ही बिल के रूप में ही 240000 रुपए भेंट चढ़ा चुके होंगे।
वाकई अच्छे जीवन को जीने के लिए पैसा बड़ी चीज है। अगर इस बात को समझ चुके हैं तो इस गणित को समझना आपके लिए वाकई जरूरी है। यहां हम आपको बताना चाह रहे हैं कि जिस सिगरेट पर आप पैसा और स्वास्थ्य दोनों लगा रहे हैं,उसे अगर न पीते तो आप उसके बदले, एक सुंदर सा मकान,एक शानदार कार या बाइक के मालिक बन सकते थे। आप चाहते तो इन पैसों से बैंक में एफडी कराते और मोटा ब्याज भी पाते।