Classic Electrodes IPO Listing: इलेक्ट्रोड्स और एमआईजी वायर्स जैसे वेल्डिंग कंज्यूमबेल्स बनाने वाली क्लासिक इलेक्ट्रोड्स के शेयरों की आज घरेलू मार्केट में धमाकेदार एंट्री हुई। इसके आईपीओ को भी निवेशकों का शानदार रिस्पांस मिला था और इसे ओवरऑल 179 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹87 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज NSE SME पर इसकी ₹100.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 14.94% का लिस्टिंग गेन (Classic Electrodes Listing Gain) मिला। हालांकि आईपीओ निवेशकों की खुशी थोड़ी ही देर में फीकी हो गई जब शेयर टूट गए। टूटकर यह ₹95.00 (Classic Electrodes Share Price) पर आ गया और इसी पर बंद भी हुआ यानी कि पहले कारोबारी दिन की समाप्ति पर आईपीओ निवेशक 9.19% मुनाफे में हैं।
Classic Electrodes IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च
क्लासिक इलेक्ट्रोड्स का ₹41.51 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 22-26 अगस्त तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 179.97 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 84.88 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 356.75 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 158.44 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 47,71,200 नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹1.47 करोड़ प्लांट और मशीनरी की खरीदारी, ₹10 करोड़ कर्ज हल्का करने, ₹16.60 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।
Classic Electrodes के बारे में
वर्ष 1997 में बनी क्लासिक इलेक्ट्रोड्स कलकत्ता की कंपनी है और यह इलेक्ट्रोड्स और एमआईजी वायर्स जैसे वेल्डिंग कंज्यूमबेल्स बनाती है। इसके ग्राहक भारत में ही नहीं, विदेशों में भी हैं। इसके प्रोडक्ट लाइन में माइल्ड स्टील इलेक्ट्रोड्स, स्टेनलेस स्टील इलेक्ट्रोड्स, कास्ट आयरन इलेक्ट्रोड्स, डीप पेनिट्रेशन इलेक्ट्रोड्स, एमआईजी वायर्स हैं। इसकी दो मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स हैं जिसमें से एक पश्चिम बंगाल क धूलागढ़ में हैं और दूसरी हरियाणा के झज्जर में। एक और यूनिट हरियाणा के बहादुरगढ़ में थी जो वित्त वर्ष 2024 में बंद हो गई।
कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2022 में इसे ₹1.49 करोड़ का शुद्ध मुनाफा हुआ था जो अगले वित्त वर्ष 2023 में उछलकर ₹2.08 करोड़ और वित्त वर्ष 2024 में ₹12.30 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी की टोटल इनकम भी सालाना 19% से अधिक की चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़कर ₹194.41 करोड़ पर पहुंच गई। पिछले वित्त वर्ष 2025 की बात करें तो 11 महीने में इसे ₹9.57 करोड़ का प्रॉफिट और ₹187.90 करोड़ का नेट इनकम हासिल हुई। हालांकि इस दौरान कंपनी पर कर्ज भी लगातार बढ़ा जोकि वित्त वर्ष 2022 के आखिरी में ₹40.21 करोड़ और वित्त वर्ष 2023 के आखिरी में ₹44.11 करोड़ और वित्त वर्ष 2024 के आखिरी में ₹46.73 करोड़ से बढ़कर वित्त वर्ष 2025 फरवरी 2025 तक ₹53.50 करोड़ पर पहुंच गया।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।