CLSA ने भारत को लेकर बदली स्ट्रेटेजी, इन शेयरों को पोर्टफोलियो में किया शामिल

CLSA ने करीब 18 महीनों तक बेयरिश रुख के बाद भारत को लेकर अपना रुख कंस्ट्रक्टिव कर दिया है। उसने कहा है कि रिस्क-रिवॉर्ड प्रोफाइल अब बैलेंस्ड है, क्योंकि बाजार अब मध्यपूर्व में चल रही लड़ाई के असर से उबर चुका है

अपडेटेड Apr 10, 2026 पर 1:22 PM
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सीएलएसए को फाइनेंशियल स्टॉक्स के अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है।

विदेशी ब्रोकरेज फर्म सीएलएसए ने भारतीय बाजार को लेकर अपना रुख बदल दिया है। करीब 18 महीनों तक बेयरिश रुख के बाद उसने अब अपना रुख कंस्ट्रक्टिव कर दिया है। उसने कहा है कि रिस्क-रिवॉर्ड प्रोफाइल अब बैलेंस्ड है, क्योंकि बाजार अब मध्यपूर्व में चल रही लड़ाई के असर से उबर चुका है। भारतीय बाजार में 8 अप्रैल को जबर्दस्त तेजी आई थी। 9 अप्रैल को गिरावट के बाद 10 अप्रैल को फिर से रिकवरी लौट आई।

अभी शेयरों में एंट्री का फेवरेबल टाइम

CLSA ने कहा है कि भारतीय बाजार का सेंटिमेंट काफी ज्यादा बेयरिश हो गया था। अबसैल्यूट और रिलेटिव दोनों ही आधार पर वैल्यूएशंस 10 साल के औसत से नीचे पहुंच गई थी। यह इनवेस्टर्स के लिए फेवरेबल एंट्री प्वाइंट का संकेत है। ब्रोकरेज फर्म ने यह भी बताया है कि उसके पोर्टफोलियो का रिटर्न मार्च तिमाही में निफ्टी के मुकाबले ज्यादा रहा। सीएलएसए ने यह भी कहा है कि उसने अब अपनी स्ट्रेटेजी बदल दी है। वह बीटा कंट्रोल्ड स्ट्रेटेजी की जगह अल्फा आधारित स्ट्रेटेजी का इस्तेमाल कर रही है।


इन शेयरों को पोर्टफोलियो में किया शामिल

सीएलएसए ने स्ट्रेटेजी बदलने के साथ पोर्टफोलियो में बदलाव किया है। उसने ITC की जगह Varun Beverages को शामिल किया है। Bajaj Auto की जगह Mahindra and Mahindra को शामिल किया है। मध्यपूर्व में सीजफायर के बाद उसने अल्ट्राटेक सीमेंट की जगह Vedanta को वरीयता दी है। उसे L&T के शेयरों में रिकवरी की उम्मीद है। ब्रोकरेज फर्म को IndusInd Bank की जगह Bajaj Finance में बेहतर रिस्क-रिवॉर्ड दिखा है।

फाइनेंशियल शेयरों के बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद

सीएलएसए को फाइनेंशियल स्टॉक्स के अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है। आईटी स्टॉक्स को लेकर उसका नजरिया बेयरिश है। उसने पोर्टफोलियो में टेक महिंद्रा की जगह HDFC Bank को शामिल किया है। उसने अपने पोर्टफोलियो में ICICI Bank, SBI, ONGC, Tata Motors, Infosys, Avenue Supermarts, Eternal और गोदरेज प्रॉपर्टीज को बनाए रखा है।

क्रूड की कीमतें 80-90 डॉलर के बीच रहेंगी

क्रूड ऑयल के बारे में सीएलएसए का कहना है कि अगले कुछ महीनों तक क्रूड ऑयल की कीमतें हाई लेवल पर बनी रहेंगी। उसने कीमतों के 80-90 डॉलर प्रति बैरल के बीच रहने का अनुमान जताया है। ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि ऑयल और गैस के टैंकर्स की आवाजाही सामान्य होने और प्रोडक्शन दोबारा शुरू होने के बाद ही कीमतें सामान्य लेवल पर आएंगी।

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10 अप्रैल को भारतीय बाजार में अच्छी रिकवरी

10 अप्रैल को भारतीय शेयर बाजार में अच्छी तेजी दिखी। 1 बजे निफ्टी 0.99 फीसदी यानी 234 अंक चढ़कर 24,007 पर चल रहा था। सेंसेक्स 1.03 फीसदी यानी 778 प्वाइंट्स की तेजी के साथ 77,412 प्वाइंट्स पर था। बैंक निफ्टी में 1.8 फीसदी की तेजी दिखी। सबसे ज्यादा चढ़ने वाले शेयरों में लोढ़ा डेवलपर्स, अदाणी एनर्जी, एशियन पेंट्स, सीमेंस, एचडीएफसी एएमसी शामिल रहे।

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