Coal India Q4 Results: सरकारी कोयला कंपनी Coal India Limited ने 27 अप्रैल को मार्च तिमाही के नतीजे जारी किए। नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 11.15% बढ़कर ₹9,751.6 करोड़ से ₹10,839 करोड़ पहुंच गया। वहीं, रेवेन्यू 5.8% बढ़कर ₹43,961 करोड़ से ₹46,490 करोड़ हो गया। यह इशारा करता है कि बाजार में कोयले की मांग स्थिर बनी हुई है और कंपनी को लगातार सपोर्ट मिल रहा है।
EBITDA बढ़ा, मार्जिन पर दबाव
कोल इंडिया का का EBITDA 6.2% बढ़कर ₹11,932 करोड़ से ₹12,673.2 करोड़ हो गया। हालांकि, EBITDA मार्जिन 27% पर ही स्थिर रहे। इसका मतलब है कि कमाई बढ़ी जरूर है, लेकिन लागत या अन्य दबावों की वजह से मार्जिन में सुधार नहीं हो पाया।
प्रोडक्शन और ऑफटेक का हाल
ऑपरेशनल आंकड़ों की बात करें तो मार्च में कोयला उत्पादन 1.5% घटकर 84.5 मिलियन टन रहा। वहीं, ऑफटेक यानी सप्लाई 0.7% बढ़कर 69.5 मिलियन टन हो गई। इसका मतलब है कि मांग बनी हुई है, लेकिन उत्पादन में थोड़ी कमजोरी देखने को मिली है।
विस्तार और नए प्रोजेक्ट पर फोकस
कोल इंडिया अब विस्तार और डाइवर्सिफिकेशन पर भी ध्यान दे रही है। हाल ही में उसे तेलंगाना में 750 MWh का बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम लगाने का प्रोजेक्ट मिला है। इसके अलावा, कंपनी 8 कोकिंग कोल वॉशरी लगाने के लिए करीब ₹3,300 करोड़ निवेश करने की योजना बना रही है। इससे कोयले की क्वालिटी सुधरेगी और आयात पर निर्भरता कम होगी।
कोल इंडिया के बोर्ड ने FY26 के लिए ₹5.25 प्रति इक्विटी शेयर के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है। इसके लिए शेयरहोल्डर्स की मंजूरी जरूरी होगी। कंपनी ने यह भी साफ किया कि डिविडेंड का भुगतान RBI द्वारा मंजूर इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से किया जाएगा।
कोल इंडिया का शेयर नतीजों से पहले सोमवार को 0.33% की गिरावट के साथ ₹454.50 पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक 14.57% चढ़ा है। वहीं, पिछले 5 साल में इसने 241.60% का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 2.79 लाख करोड़ रुपये है।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।