दिल्ली NCR में बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए EPCA यानी Environment Pollution Prevention & Control Authority नई गाइडलाइन जारी कर दी हैं। जिस पर राइस और शुगर मिलर्स विरोध कर रहे हैं। वहीं अगर बुलियन मार्केट की बात करें तो सोने चांदी में सपाट कारोबार होता दिखाई दे रहा है। वहीं नेचुरल गैस की कीमतों में गिरावट का दौर जारी है। यहां इन सब पर बात करेंगे लेकिन सबसे पहले बात कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल की खबरों से।
कच्चे तेल में जारी है खेल
ब्रेंट का भाव 2% से ज्यादा ऊपर दिख रहा है। WTI में भी 2% से ज्यादा की तेजी है। MCX पर भी भाव 1.50% ऊपर है। सऊदी ने क्रूड के दाम बढ़ाए हैं। ब्रेंट पर भाव 72 डॉलर के करीब पहुंच गया है। पिछले 4 दिनों में भाव में करीब 3.5% की तेजी देखने को मिली है। सऊदी अरब ने जनवरी के लिए दाम बढ़ाए हैं। एशिया और US के लिए क्रूड के दाम बढ़ाए गए हैं। ओमिक्रॉन के बढ़ते मामलों के कारण दाम बढ़ाए गए हैं। एशिया के लिए मीडियम, हेवी ग्रेड की कीमतें बढ़ीं हैं। OPEC+ने 2 दिसंबर को किया उत्पादन बढ़ाने का फैसला किया है। जनवरी में 4 लाख/BBP उत्पादन बढ़ाने का फैसला लिया है।
नेचुरल गैस में बिकवाली हावी
नेचुरल गैस में बिकवाली हावी हो गई है। MCX पर भाव 5 महीने के नीचे है। US में भाव 7% से ज्यादा गिरे हैं। 7 दिनों में 33% से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली है। कम मांग और क्रूड में तेजी से दबाव बना है। MCX पर 300 रुपए के नीचे कारोबार हो रहा है। इंटरनेशनल मार्केट में भाव 7% से ज्यादा टूटा है। लगातार दूसरे दिन दाम 3.90 डॉलर के नीचे दिख रहा है। पिछले 7 दिनों में दाम 33% से ज्यादा गिरे हैं। ठंड ज्यादा न बढ़ने से मांग घटी है।
बढ़ी चांदी की चमक, सोना पड़ा फीका
सोने और चांदी में उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। 5वें दिन सोना 1800 डॉलर के नीचे दिख रहा है। MCX पर 48,004 रुपए का हाई लगाकर सोना फिसला है। MCX पर चांदी 61500 रुपए के पार दिख रही है। मजबूत डॉलर ने सपोर्ट बनाया है। डॉलर में मजबूती से कीमतों में उछाल आया है।
टेपरिंग की आशंकाओं से कीमतों में उछाल आया है। US FED की ओमिक्रॉन के बढ़ते मामलों पर नजर है। महंगाई बढ़ने पर टेपरिंग जल्द होने की उम्मीद है।
EPCA ने जारी की गाइडलाइन,नई पहल से रुकेगा प्रदूषण?
दिल्ली NCR में बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए EPCA यानी Environment Pollution Prevention & Control Authority नई गाइडलाइन जारी कर दी हैं। जिस पर राइस और शुगर मिलर्स विरोध कर रहे हैं। EPCA के निर्देश के मुताबिक मिलें सप्ताह में 5 दिन ही चलेंगी। दिन में 8 घंटे काम होगा। NCR में मिल सिर्फ शुक्रवार तक ही चलेंगी। PNG वाले उद्योगों को छोड़ सभी मिलों पर ये नियम लागू होंगे शनिवार और रविवार को उद्योग बंद रखने होंगे। राइस मिलर्स EPCA की गाइडलाइन का विरोध कर रहे हैं। राइस मिलर्स का कहना है कि इससे मिल चलाने की पूरी प्रक्रिया लंबी होगी। गाइडलाइन का पालन करना संभव नहीं। इससे शुगर और चीनी मिलों पर बुरा असर पड़ेगा।