टैक्स राहत के चलते कंजम्प्शन थीम पसंद, बैंकिंग शेयरों को निचले स्तर पर खरीदने की रणनीति करेगी काम - वैभव सांघवी

वैभव सांघवी ने कहा कि सरकार की टैक्स में कटौती का असर अब दिखना शुरू होगा। इसके अलावा मॉनीटरी पॉलिसी के जरिए सिस्टम में लिक्विडिटी बढ़ाने की कोशिश की गई है। इसके असर भी खपत पर देखने को मिलेगा। अगले 24 महीने में स्टेपल और डिस्क्रिशनरी दोनों तरह के खपत वाले शेयरों में तेजी देखन को मिलेगी

अपडेटेड May 20, 2025 पर 1:59 PM
केमिकल सेक्टर पर अपनी राय देते हुए वैभव ने कहा कि केमिकल सेक्टर में दो अहम फैक्टर हैं। पहला है चाइन प्लस वन पॉलिसी और ग्लोबल ग्रोथ की स्थिति। अगर ग्लोबल ग्रोथ में मजबूती रहेगी तो केमिकल शेयरों में पॉजिटिव मोमेंटम देखने को मिल सकता है

बाजार की आगे की दशा और दिशा पर बात करते हुए ASK Hedge Solutions के CEO वैभव सांघवी ने कहा कि बाजार के लिए दो बड़ी बाधाएं बनी हुई थीं। इसमें से पहली थी टैरिफ वार और दूसरी बाधा थी भारत-पाकिस्तान तनाव ये दोनों बाधाएं अब काफी हद तक दूर हो चुकी हैं। चौथी तिमाही के नतीजे भी उम्मीद से बेहतर रहे हैं। मीडियम से लॉन्ग टर्म नजरिए से बाजार का आउटलुक अच्छा लग रहा है। किसी गिरावट में बाजार में निवेश के मौके खोजने चाहिए। डॉलर में कमजोरी के कारण उभरते बाजारों में एफआईआई का निवेश बढ़ने की उम्मीद है। इस समय बाजार के लिए कई पॉजिटिव फैक्टर हैं।

आगे हमें खपत में सुधार की उम्मीद है। सरकार की टैक्स में कटौती का असर अब दिखना शुरू होगा। इसके अलावा मॉनीटरी पॉलिसी के जरिए सिस्टम में लिक्विडिटी बढ़ाने की कोशिश की गई है। इसके असर भी खपत पर देखने को मिलेगा। अगले 24 महीने में स्टेपल और डिस्क्रिशनरी दोनों तरह के खपत वाले शेयरों में तेजी देखन को मिलेगी। इसके अलावा डोमेस्टिक ओरिएंटेड शेयर भी अच्छे लग रहे हैं। इसके अलावा अगर आरबीआई की तरफ से दरों में कटौती होती है कि निचले स्तरों से बैंक शेयरों में भी खरीदारी की सलाह होगी।

वैभव सांघवी की राय है कि डिफेंस शेयरों में काफी अच्छा मोमेंटम देखने को मिला है। घरेलू डिफेंस प्रोडक्ट्स ने काफी अच्छा प्रदर्शन किया है। इससे आगे डिफेंस सेक्टर में एक्सपोर्ट के मौके खुलेंगे। डिफेंस शेयरों में अच्छी तेजी है। लेकिन इन वैल्युएशन पर नजर रहनी चाहिए। आगे डिफेंस कंपनियों की ऑर्डर बुक में इजाफा होगा।


केमिकल सेक्टर पर अपनी राय देते हुए वैभव ने कहा कि केमिकल सेक्टर में दो अहम फैक्टर है। पहला है चाइन प्लस वन पॉलिसी और ग्लोबल ग्रोथ की स्थिति। अगर ग्लोबल ग्रोथ में मजबूती रहेगी तो केमिकल शेयरों में पॉजिटिव मोमेंटम देखने को मिल सकता है। अभी ग्लोबल ग्रोथ के मोर्चे से कोई अच्छे संकेत नहीं मिल रहे हैं। अगर अमेरिका और चाइना की कोई अच्छी डील हो जाती है तो हमें इस मोर्चे से अच्छी खबर मिल सकती है। ऐसे में हमें इसके लिए अभी थोड़ा इंतजार करना होगा। इस बात को ध्यान में रखते हुए अभी इस सेक्टर से दूर रहने की सलाह होगी।

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वैभव ने आगे कहा कि उन्हें कैपिटल मार्केट शेयरों में एएमसी और डिपॉजिटरी शेयर बहुत अच्छे लग रहे हैं। एएमसी और डिपॉजिटरी कंपनियों के कारोबार में काफी स्टेबिलिटी रहती है। ऐसे में ब्रोकरेज की तुलना में एएमसी और डिपॉजिटरी शेयर ज्यादा अच्छे लग रहे हैं। वैभव को इंश्योरेंस कंपनियां भी अच्छी लग रही है। इंश्योरेंस कंपनियों की अर्निंग्स बेहतर रह सकती है। लॉन्ग टर्म के नजरिए से इन कंपनियों के लिए बहुत बड़े बिजनेस को मौके हैं। रेट कट होने पर इन कंपनियों को अच्छा फायदा होगा। इंश्योरेंस शेयर शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म दोनों की नजरिए से अच्छे लग रहे हैं।

 

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