Corporate Scan: 23 फरवरी को UPL बोर्ड ने कंपनी के कारोबार रीस्ट्रक्चरिंग प्लान को मंजूरी दी थी। एग्री और क्रॉप प्रोटेक्शन बिजनेस को अलग-अलग करने का एलान किया गया था। कारोबार रीस्ट्रक्चरिंग पर कंपनी के ग्रुप CFO बिकाश प्रसाद से कहा की इससे वैल्यू अनलॉकिंग में मदद मिलेगी साथ ही बिजनेस स्ट्रक्चर आसान होगा। विकास प्रसाद ने सीएनबीसी-आवाज़ की नुपुर जैनकुनिया से हुई खास बातचीत में कहा कि UPL का ग्लोबल कारोबार काफी बढ़ा है। 40 से देशों में कंपनी का कारोबार है। कई देशों में कंपनी मार्केट लीडर है। क्रॉप प्रोटेक्शन में दुनिया की 5वीं बड़ी कंपनी है।
UPL सीड्स प्लेटफॉर्म में टॉप 10 देशों में शामिल है। स्पेशियालिटी सेगमेंट देश की बड़ी कंपनी है। वैल्यू अनलॉकिंग के लिए कारोबार रीस्ट्रक्चरिंग की जा रही है। रीस्ट्रक्चरिंग से बिजनेस स्ट्रक्चर आसान होगा। क्रॉप प्रोटेक्शन कारोबार की अलग लिस्टिंग होगी। कंपनी का पिछले कुछ समय से कर्ज घटाने पर जोर है। नेट डेट EBITDA 4.6x से घटकर 2.1x पर आ गई है। FY26 तक नेट डेट EBITDA 1.6 से 1.8x के बीच रह सकती है। FY27 तक नेट डेट EBITDA 1.2x लाने पर जोर होगा।
UPL के रीस्ट्रक्चरिंग प्लान पर एक नजर
UPL ने कारोबार रीस्ट्रक्चरिंग प्लान को मंजूरी दे दी है। कंपनी अपने बिजनेस स्ट्रक्चर में बदलाव करेगी। UPLके नया बिजनेस स्ट्रक्चर की बात करें तो एग्री और क्रॉप प्रोटेक्शन बिजनेस को अलग-अलग किया जाएगा। UPL सस्टेनेबल एग्री सॉल्यूशन को UPL में मर्ज करेगी। वर्टिकल डीमर्जर के द्वारा क्रॉप प्रोजेक्टशन बिजनेस अलग होगा। UPL कॉर्प (इंटरनेशनल क्रॉप प्रोटेक्शन) का UPL ग्लोबल में विलय होगा। UPL ग्लोबल SAS नई लिस्टेड एंटिटी बनेगी। UPL ग्लोबल को क्रॉप प्रोटेक्शन में लीडर बनाने का लक्ष्य है। कारोबार रीस्ट्रक्चरिंग से वैल्यू अनलॉकिंग पर फोकस होगा।
UPL: शेयरहोल्डर्स के लिए क्या?
प्रस्तावित रीस्ट्रक्चरिंग प्लान के तहत UPL SAS का UPL Ltd में मर्जर होगा। UPL SAS के 48 शेयर पर UPL Ltd के 1000 शेयर मिलेंगे। UPL Ltd से UPL ग्लोबल का डीमर्जर होगा। UPL Ltd के 1 शेयर पर UPL ग्लोबल का 1 शेयर मिलेगा। UPL कॉर्प का UPL ग्लोबल में मर्जर होगा। UPL कॉर्प के 213 शेयर पर UPL ग्लोबल के 1000 शेयर मिलेंगे।
UPL: शेयर होल्डिंग पैटर्न
UPL में प्रोमोटर होल्डिंग 33.1% और पब्लिक होल्डिंग 66.9% है। UPL ग्लोबल में प्रोमोटर होल्डिंग 71.6% और पब्लिक होल्डिंग 28.4% है।
UPL: रीस्ट्रक्चरिंग की टाइमलाइन
UPL रीस्ट्रक्चरिंग की टाइमलाइन पर नजर डालें तो प्रक्रिया पूरी होने में 12-15 महीने लग सकते हैं। इसके लिए SEBI, NCLT समेत रेगुलेटरी मंजूरी जरूरी है।