क्रूड की कीमतें 12 मार्ट को 100 डॉलर के पार पहुंच गईं। इसका असर फूड और रेस्टॉरेंट से जुड़ी कंपनियों के शेयरों पर पड़ा। इटर्नल, स्विगी, जुबिलेंट फूडवर्क्स के शेयरों में 7 फीसदी तक की गिरावट आई। गल्फ की खाड़ी में कुछ और जहाजों पर हमलों की खबरों से ब्रेंट क्रूड 9 फीसदी से ज्यादा उछला। ऑयल और गैस की सप्लाई में कमी का सीधा असर फूड और रेस्टॉरेंट कंपनियों पर पड़ रहा है। इसके अलावा इनकी कीमतें बढ़ने का असर भी इन कंपनियों पर पड़ेगा।
इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी के प्लान का क्रूड प्राइस पर असर नहीं
इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी के अपने रिजर्व से 40 करोड़ बैरल जारी करने के फैसले का ज्यादा असर क्रूड ऑयल की कीमतों पर नहीं पड़ा है। इतिहास में पहली बार एजेंसी रिजर्व से इतना ज्यादा क्रूड रिलीज करेगी। इस प्लान के तहत अमेरिका ने कहा है कि वह अगले हफ्ते अपने रिजर्व से 17.2 करोड़ बैरल क्रूड रिलीज करेगा।
क्रूड ऑयल की कीमतें एक बार फिर 100 डॉलर के पार
12 मार्च को क्रूड ऑयल के दोनों बेंचमार्क-ब्रेंट क्रूड और यूएस क्रूड फ्यूचर्स में 9 फीसदी तक का उछाल दिखा। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 100.22 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। यूएस क्रूड फ्यूचर्स 95.41 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। एक्सपर्ट्स का कहना है कि मध्यपूर्व में लड़ाई रुकने के कोई संकेत नहीं दिख रहे। अमेरिका और ईरान में से कोई पीछे हटने को तैयार नहीं है।
फूड और रेस्टॉरेंट कंपनियो के शेयरों में बड़ी गिरावट
निफ्टी 50 के स्टॉक्स में Eternal सबसे ज्यादा गिरने वाला स्टॉक रहा। एक समय यह 3 फीसदी से ज्यादा गिर गया था। हालांकि, बाद में यह थोड़ा संभलने में कामयाब रहा। 11:15 बजे यह 1.16 फीसदी गिरकर 221.60 रुपये पर चल रहा था। Swiggy का शेयर भी शुरुआती गिरावट के बाद काफी हद तक संभल गया। यह 0.60 फीसदी की कमजोरी के साथ 281 रुपये पर चल रहा था।
यूनाइटेड फूडब्रांड्स का शेयर सबसे ज्यादा गिरा
Jubilant FoodWorks का शेयर एक समय 3.5 फीसदी तक गिर गया था। 11:15 बजे यह 1.74 फीसदी गिरकर 465 रुपये पर चल रहा था। United Foodbrands का शेयर एक समय 7 फीसदी तक गिर गया था। बाद में यह 6.49 फीसदी गिरकर 209 रुपये पर चल रहा था।
फूड और रेस्टॉरेंट सेवाएं बंद करने को हो सकते हैं मजबूर
खबर है कि छोटे-बड़े रेस्टॉरेंट्स, फूड वेंडर्स, क्लाउड किचंस और फूड कैटरर्स कुकिंग गैस की घटती सप्लाई से काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। वे फ्यूल के दूसरे विकल्प की तलाश कर रहे हैं। उनकी नजरें मध्यपूर्व में चल रही लड़ाई पर लगी हैं। अगर यह लड़ाई खत्म नहीं होती तो उनके बिजनेस पर काफी ज्यादा असर पड़ेगा। कुछ रेस्टॉरेंट्स ने फूड की कीमतों में इजाफा किया है। लेकिन, उनका कहना है कि अगर गैस की सप्लाई नहीं बढ़ती है तो उन्हें सेवाएं बंद करने को मजबूर होना पड़ेगा।