Crude Oil में बड़ी गिरावट, 100 डॉलर के नीचे आया भाव; इन शेयरों में लौटी खरीदारी
Crude Oil Falls: क्रूड ऑयल के कीमतों में बुधवार 1 अप्रैल को भारी गिरावट देखने को मिली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में लंबे समय बाद क्रूड ऑयल का दाम गिरकर 100 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गया। इसके चलते भारत समेत पूरी दुनिया भर के शेयर बाजारों में रौनक देखने को मिली। खासतौर से ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के शेयरों में तेजी आई
Crude Oil Falls: कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का सीधा फायदा ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को मिला
Crude Oil Falls: क्रूड ऑयल के कीमतों में बुधवार 1 अप्रैल को भारी गिरावट देखने को मिली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में लंबे समय बाद क्रूड ऑयल का दाम गिरकर 100 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गया। इसके चलते भारत समेत पूरी दुनिया भर के शेयर बाजारों में रौनक देखने को मिली। खासतौर से ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के शेयरों में तेजी आई।
ब्रेंट क्रूड में 5% की गिरावट
ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत बुधवार को करीब 5% गिरकर 98.65 डॉलर प्रति बैरल तक आ गई। यह गिरावट ऐसे समय में आई है जब मिडिल ईस्ट में तनाव बना हुआ है और होर्मुज जलडमरूमध्य अभी भी पूरी तरह सामान्य नहीं हुआ है।
हालांकि, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान ने बाजार को राहत दी। उन्होंने कहा कि अमेरिका अगले दो से तीन हफ्तों में ईरान से बाहर निकल सकता है और यह भी संकेत दिया कि युद्ध बिना औपचारिक समझौते के भी खत्म हो सकता है। इसके चलते निवेशकों को उम्मीद मिली कि सप्लाई पर दबाव धीरे-धीरे कम हो सकता है।
इसके बावजूद एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर संघर्ष जल्द खत्म भी हो जाए, तब भी क्रूड की सप्लाई को सामान्य होने में समय लगेगा, क्योंकि कई अहम ऑयल एंड गैस सुविधाओं को नुकसान पहुंचा है।
OMC शेयरों में तेजी
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का सीधा फायदा ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को मिला। भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन और इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन जैसे शेयरों में करीब 2% तक की तेजी देखी गई।
इन कंपनियों का बिजनेस मॉडल कच्चे तेल की कीमतों पर काफी निर्भर करता है। जब कच्चा तेल सस्ता होता है, तो इनकी इनपुट लागत घटती है और रिफाइनिंग व मार्केटिंग मार्जिन बेहतर होते हैं। यही वजह है कि तेल की कीमतों में गिरावट के साथ इन शेयरों में खरीदारी बढ़ गई।
तेल आधारित सेक्टरों को भी मिला सपोर्ट
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का असर दूसरे सेक्टरों पर भी पॉजिटिव रहा। एविएशन और पेंट कंपनियों के शेयरों में अच्छी तेजी देखने को मिली। इंडिगो की पैरेंट कंपनी इंटरग्लोबल एविएशन के शेयरों में करीब 8% की तेजी दर्ज की गई, क्योंकि एयरलाइंस के लिए ईंधन सबसे बड़ा खर्च होता है।
इसी तरह एशियन पेंट्स, इंडिगो पेंट्स और केनसाइन नेरोलेक के शेयरों में 3% से 6% तक की बढ़त देखी गई, क्योंकि इन कंपनियों के लिए भी कच्चा तेल एक प्रमुख कच्चा माल है। इसके अलावा, जोमैटो की पैरेंट कंपनी इटरनल (Eternal) जैसी कंपनियों में भी तेजी देखी गई।
वॉल स्ट्रीट फ्यूचर्स में मजबूती
ग्लोबल बाजारों में भी पॉजिटिव संकेत देखने को मिले। अमेरिकी शेयर बाजार के फ्यूचर्स में तेजी दर्ज की गई। नैस्डेक फ्यूचर्स करीब 1% ऊपर कारोबार कर रहे थे। वहीं डाउ जोन्स फ्यूचर्स में लगभग 300 अंकों की बढ़त देखी गई। यह संकेत देता है कि ग्लोबल निवेशकों का भरोसा कुछ हद तक लौटा है और वे जोखिम लेने के लिए तैयार हो रहे हैं, खासकर तब जब भू-राजनीतिक तनाव कम होने की उम्मीद बन रही है।
अनिश्चितता अभी भी बरकरार
हालांकि कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से राहत मिली है, लेकिन स्थिति अभी पूरी तरह स्थिर नहीं हुई है। होर्मुज जलडमरूमध्य अभी भी पूरी तरह खुला नहीं है और सप्लाई चेन पर दबाव बना हुआ है।
ईरान और अमेरिका के बीच औपचारिक बातचीत की स्थिति भी स्पष्ट नहीं है। ईरान के विदेश मंत्री ने संकेत दिया है कि अभी कोई औपचारिक वार्ता नहीं हो रही है, हालांकि दोनों पक्षों के बीच संदेशों का आदान-प्रदान जारी है। इन परिस्थितियों में बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है।
डिस्क्लेमरः Moneycontrol पर एक्सपर्ट्स/ब्रोकरेज फर्म्स की ओर से दिए जाने वाले विचार और निवेश सलाह उनके अपने होते हैं, न कि वेबसाइट और उसके मैनेजमेंट के। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। Moneycontrol यूजर्स को सलाह देता है कि वह कोई भी निवेश निर्णय लेने के पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह लें।