Daily Voice : लॉन्ग टर्म औसत को ध्यान में रखे तो इस समय निफ्टी का वैल्यूशन सही स्तर पर दिख रहा है। वित्त वर्ष 2023-25 की अवधि में कंपनियों की अर्निंग ग्रोथ सालाना आधार पर 16-17 फीसदी की दर पर रहेगी। इक्विटी बाजार पर भी इस ग्रोथ का अच्छा असर देखने को मिलेगा। घरेलू इकोनॉमी पर आधारित ऑटो, एनबीएफसी, बैंक, होटल, रियल एस्टेट और सीमेंट सेक्टर में आगे आने वाली तिमाहियों में मजबूत ग्रोथ देखने को मिलेगी। फार्मा सेक्टर में हाल में आई तेजी कंपनियों की अर्निंग में आई मजबूत ग्रोथ का असर है। अभी फार्मा सेक्टर में ऐसे कई अच्छे स्टॉक हैं जिनमें निवेश किया जा सकता है। ये बातें मनीकंट्रोल के साथ हुए एक बातचीत में मोतीलाल ओसवाल इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज के गौतम दुग्गड़ (Gautam Duggad) ने कही हैं।
फंडामेंटल इक्विटी रिसर्च का 14 साल से ज्यादा का अनुभव रखने वाले गौतम दुग्गड़ का कहना है कि पहली तिमाही (अप्रैल-जून 2023 तिमाही)के नतीजे मजबूत रहे है। ये अनुमान के मुताबिक ही रहे हैं। एमओएफएसएल कवरेज में शामिल कंपनियों ने इस तिमाही में पिछली आठ तिमाहियों में सबसे ज्यादा आय वृद्धि दर्ज की है। इसमें बीएफएसआई और ऑटो जैसे घरेलू इकोनॉमी पर आधारित कंपनियों का सबसे ज्यादा योगदान रहा है। एमओएफएसएल के कवरेज में शामिल कंपनियों की कुल बिक्री, ईबीआईटीडीए और पीएटी में सालाना आधार पर 3 फीसदी, 28 फीसदी और 52 फीसदी की दर से बढ़त (अनुमान +0 फीसदी, 28 फीसदी और 49 फीसदी की तुलना में) है। जबकि इसी अवधि में निफ्टी कंपनियों की आय में सालाना आधार पर 5 फीसदी, 22 फीसदी और 32 फीसदी की दर से बढ़त हुई है ।
फाइनेंशियल सेक्टर को छोड़ दें तो Q1FY24 में निफ्टी में शामिल कंपनियों के मुनाफे में सालाना आधार पर 22 फीसदी (अनुमान +17 फीसदी) की बढ़त देखने को मिली है। जून तिमाही में फाइनेंशिलय और ऑटो ने उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन किया। फाइनेंशियल सेक्टर में सालाना आधार पर 60 फीसदी की प्रॉफिट ग्रोथ देखने के मिली है। जबकि टाटा मोटर्स के लीडरशिप में ऑटो सेक्टर के मुनाफे में 14 गुना की बढ़त दर्ज की गई है। ये वित्त वर्ष 2023 की पहली तिमाही के 1300 करोड़ रुपये के मुकाबले 17900 करोड़ रुपये पर पहुंच गई है।
मजबूत मार्केटिंग मार्जिन के कारण तेल मार्केटिग कंपनियों (ओएमसी) का मुनाफा Q1FY24 में बढ़कर 30500 करोड़ रुपये पर रही है। जबकि Q1FY23 में इन कंपनियों को 18500 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था।
इस अवधि में कंज्यूमर कंपनियों का मुनाफा 19 फीसदी बढ़ा है। हेल्थकेयर में तेजी से रिकवरी आई है। पिछली छह तिमाहियों में इस सेक्टर की आय सपाट रही थी लेकिन Q1FY24 में इस सेक्टर की आय में 24 फीसदी की बढ़त हुई है। मेटल सेक्टर की आय में सालाना आधार पर 40 फीसदी की गिरावट रही। सीमेंट और स्पेशलिटी केमिकल्स की आय में भी साल-दर-साल आधार पर गिरावट दर्ज की गई है।
इस बातचीत में गौतम ने आगे कहा कि घरेलू इकोनॉमी पर आधारित ऑटो, एनबीएफसी, बैंक, होटल, रियल एस्टेट और सीमेंट सेक्टर में आगे आने वाली तिमाहियों में मजबूत ग्रोथ देखने को मिलेगी। फार्मा सेक्टर में हाल में आई तेजी कंपनियों की अर्निंग में आई मजबूत ग्रोथ का असर है। अभी फार्मा सेक्टर में ऐसे कई अच्छे स्टॉक हैं जिनमें निवेश किया जा सकता है।
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