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Daily Voice : मिडकैप के वैल्यूएशन को लेकर चिंता, लॉर्जकैप्स में बढ़ाएं निवेश

Daily Voice : सतीश रामनाथन ने कहा कि सामान्य तौर पर देखें तो सरकारी कंपनियों का वैल्यूएशन अच्छा दिख रहा है। पीएसयू बैंकों की एसेट क्वालिटी में काफी सुधार हुआ है। इनकी एनपीए की समस्या लगभग खत्म हो गई है। सरकारी बैंक अब अपनी लोन बुक में रिटेल लोन की हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए विविधता ला रहे हैं। इनमें से अधिकांश बैंकों ने अपने टेक्नोलॉजी बैकएंड को अपग्रेड करने का काम पूरा कर लिया है

MoneyControl Newsअपडेटेड Sep 20, 2023 पर 12:25 PM
Daily Voice : मिडकैप के वैल्यूएशन को लेकर चिंता, लॉर्जकैप्स में बढ़ाएं निवेश
Daily Voice : सतीश रामनाथन ने कहा कि सामान्य तौर पर देखें तो सरकारी कंपनियों का वैल्यूएशन अच्छा दिख रहा है। पीएसयू बैंकों की एसेट क्वालिटी में काफी सुधार हुआ है। इनकी एनपीए की समस्या लगभग खत्म हो गई है

Daily Voice : रिटेल निवेशकों की बढ़ती भागीदारी ने मिडकैप सेक्टर में वोलैटिलिटी को बढ़ा दिया है। मिडकैप के वैल्यूएशन को लेकर देखने को मिल रही घबराहट के बीच इस समय लार्जकैप ज्यादा आकर्षक लग रहे हैं। ये बातें जेएम फाइनेंशियल म्यूचुअल फंड के सीआईओ-इक्विटी सतीश रामनाथन ने मनीकंट्रोल के साथ हुई बातचीत में कही हैं। यूएस फेडरल रिजर्व के अगले संभावित कदम के बारे में बात करते हुए उन्होंने आगे कहा कि सभी संकेत यही बता रहे हैं कि अमेरिका में महंगाई में नरमी आ रही है। अगर यूएस फेड दरों में बढ़त करता है तो अमेरिकी अर्थव्यवस्था दिक्कत में पड़ सकती है।

एसेट मैनेजमेंट और कैपिटल मार्केट का तीन दशकों का अनुभव रखने वाले सतीश रामनाथन ने इस बातचीत में आगे कहा कि ऊंची ब्याज दर अमेरिका की इकोनॉमी के लिए संकट की संभावना को बढ़ा देगी। ऐसे में दरों पर यूएस फेड के नजरिए और गाइडेंस पर बाजार की नजर रहेगी।

सरकारी बैंकों में दिखेगी तेजी

सरकारी बैंकों से जुड़े सवाल का जवाब देते हुए सतीश रामनाथन ने कहा कि सामान्य तौर पर देखें तो सरकारी कंपनियों का वैल्यूएशन अच्छा दिख रहा है। पीएसयू बैंकों की एसेट क्वालिटी में काफी सुधार हुआ है। इनकी एनपीए की समस्या लगभग खत्म हो गई है। सरकारी बैंक अब अपनी लोन बुक में रिटेल लोन की हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए विविधता ला रहे हैं। इनमें से अधिकांश बैंकों ने अपने टेक्नोलॉजी बैकएंड को अपग्रेड करने का काम पूरा कर लिया है। अगर ब्याज दरें कम होती हैं और क्रेडिट की मांग में बढ़त होती है तो सरकारी बैंकों को भी फायदा हो सकता है। इंफ्रा स्ट्रक्चर पर बढ़ते खर्च से भी पीएसयू बैंकों को फायदा मिल सकता है।

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