Daily Voice-बैंकिंग और एनबीएफसी शेयर नजर आ रहे अच्छे, पावर शेयर भी कराएंगे अच्छी कमाई

Daily Voice: विवेक ने कहा कि पिछले कुछ हफ्तों से घरेलू बाजार में कमजोरी देखने को मिल रही है। ये कमजोरी मार्च में भी जारी रह सकती है। हमारी नजरें फाइनेंशियल सेक्टर पर बनी हुई हैं। ये एक ऐसा सेक्टर है जिसका वैल्यूएशन अभी भी कोविड-पूर्व स्तरों से नीचे है। एसेट क्वालिटी के मजबूत होने और क्रेडिट ग्रोथ के बढ़ने की संभावना को देखते हुए इस समय बैंकिंग और एनबीएफसी में निवेश के अच्छे मौके दिख रहे हैं

अपडेटेड Mar 02, 2023 पर 2:09 PM
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Daily Voice:विवेक गोयल ने कहा कि साल 2023 की दूसरी छमाही से भारत में विदेशी संस्थागत निवेशकों के निवेश में तेजी आ सकती है

Daily Voice:मेरा मनाना है कि बाजार पर मौद्रिक नितियों में कड़ाई आने का डर बना हुआ है। जिसके चलते आगे आने वाले कुछ महीनों में विदेशी संस्थागत निवेशकों के निवेश में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। लेकिन हम मई और जून में होने वाली फेड की पॉलिसी मीट के काफी नजदीक आ रहे हैं। इस बैठक के बाद यूएस फेड की टर्मिनल रेट और ब्याज दर पर उसके रुख को लेक स्पष्टता आएगी। उम्मीद है कि इसके बाद साल 2023 की दूसरी छमाही से भारत में विदेशी संस्थागत निवेशकों के निवेश में तेजी आ सकती है। ये बातें टेलविंड फाइनेंशियल सर्विसेज (Tailwind Financial Services) के ज्वाइंट मैनेजिंग डायरेक्टर (joint Managing Director) विवेक गोयल ने मनीकंट्रोल से हुए एक बातचीत में कही हैं।

विवेक गोयल ने इस बातचीत में आगे कहा कि इस समय बैंकिंग और एनबीएफसी शेयर निवेश के नजरिए से अच्छे दिख रहे हैं। मार्केट सेंटीमेंट में सुधार के साथ ही आगे इस सेक्टर की री-रेटिंग होती दिख सकती है। इसके अलावा पावर सेक्टर की डिमांड में लगातार बढ़त देखने को मिल रही है। ऐसे में पवर सेक्टर के शेयर भी अच्छे दिख रहे हैं।

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इस सवाल का जवाब देते हुए विवेक गोयल ने कहा कि हमारा मानना है कि बाजार महंगाई और मौद्रिक नीति पर महंगाई के प्रभाव को बारीकी से ट्रैक कर रहा है। इस समय बाजार की आम धारणा ये है कि साल 2023 की पहली छमाही में ब्याज दरों में बढ़त का दौर थम जाएगा। अगर ऐसा होता है तो भारतीय बाजारों में FII का फ्लो पॉजिटिव हो सकता है। ऐसा होने पर देश में प्राइमरी मार्केट की गतिविधियों तेजी आ सकती है। हालांकि प्राइमरी मार्केट में ये तेजी एकाएक न आकर धीरे-धीरे आएगी। बाजार और नीति निर्माताओं की नजर आगे महंगाई और ग्रोथ के आंकड़ों पर रहेगी। यही फैक्टर बाजार की दिशा तय करेंगे।

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इस सवाल पर विवेक गोयल ने कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

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इस सवाल का जवाब देते हुए विवेक ने कहा कि पिछले कुछ हफ्तों से घरेलू बाजार में कमजोरी देखने को मिल रही है। ये कमजोरी मार्च में भी जारी रह सकती है। अमेरिका में शुक्रवार को आए व्यक्तिगत उपभोग व्यय के नवीनतम आंकड़े उम्मीद से ज्यादा रहे हैं। इन आकंड़ों में ब्याज दरों की बढ़त जल्द थमने की उम्मीद पर पानी फेर दिया है। इसके चलते मार्च महीने में भी बाजार पर दबाव देखने को मिल सकता है। मौद्रिक नीति के अलावा जियोपोलिटिकल घटनाए और 2024 में होने वाले भारत और अमेरिकी चुनाव भी बाजार पर अपना असर दिखाएंगे।

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इसका जबाव देते हुए विवेक ने कहा कि हमारी नजरें फाइनेंशियल सेक्टर पर बनी हुई हैं। ये एक ऐसा सेक्टर है जिसका वैल्यूएशन अभी भी कोविड-पूर्व स्तरों से नीचे है। एसेट क्वालिटी के मजबूत होने और क्रेडिट ग्रोथ के बढ़ने की संभावना को देखते हुए इस समय बैंकिंग और एनबीएफसी में निवेश के अच्छे मौके दिख रहे हैं।

 

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