Daily Voice:मेरा मनाना है कि बाजार पर मौद्रिक नितियों में कड़ाई आने का डर बना हुआ है। जिसके चलते आगे आने वाले कुछ महीनों में विदेशी संस्थागत निवेशकों के निवेश में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। लेकिन हम मई और जून में होने वाली फेड की पॉलिसी मीट के काफी नजदीक आ रहे हैं। इस बैठक के बाद यूएस फेड की टर्मिनल रेट और ब्याज दर पर उसके रुख को लेक स्पष्टता आएगी। उम्मीद है कि इसके बाद साल 2023 की दूसरी छमाही से भारत में विदेशी संस्थागत निवेशकों के निवेश में तेजी आ सकती है। ये बातें टेलविंड फाइनेंशियल सर्विसेज (Tailwind Financial Services) के ज्वाइंट मैनेजिंग डायरेक्टर (joint Managing Director) विवेक गोयल ने मनीकंट्रोल से हुए एक बातचीत में कही हैं।
